बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थियों को एमएससी का परिणाम हासिल करने के लिए आए दिन विभाग से लेकर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय तक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। परेशान छात्र-छात्रओं ने इसकी शिकायत विभागाध्यक्ष से भी की, लेकिन समाधान नहीं मिल रहा है।
परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे शिवांश, अपूर्वा, हर्षिता ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021-2022 में विश्वविद्यालय परिसर स्थित माइक्रोबायोलॉजी विभाग से एमएससी की थी। चौथे सेमेस्टर का परिणाम आने पर पता चला कि एक-दो अंक कम होने से वे प्रथम श्रेणी से वंचित रह गए हैं। ऐसे में उन्होंने अंक बढ़ाने के लिए बैक फॉर्म भर दिया। विभाग की ओर से बिना जांचे ही फॉर्म अग्रसारित कर दिया गया। विवि प्रशासन ने भी प्रवेशपत्र जारी कर दिया।
परीक्षा के बाद फरवरी में आए परिणाम में उनके अंकपत्र में आरडी (परिणाम रोका गया) लिखकर आया। परेशान विद्यार्थी विश्वविद्यालय पहुंचे तो बताया गया कि उन्होंने गलत फॉर्म भर दिया था। अंक बढ़ाने के लिए उत्तीर्ण विद्यार्थी बैक फॉर्म नहीं भर सकते हैं। इसलिए उनका परिणाम रोका गया है। अब वे विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें कभी विभाग भेजा जाता है तो कभी परीक्षा नियंत्रक कार्यालय, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि परिणाम न आने से उनका कॅरिअर चौपट हो जाएगा। यही समस्या प्लाइंट साइंस के विद्यार्थियों के साथ आ रही हैं।
वर्जन
विद्यार्थी उनके पास समस्या लेकर आए थे। उन्हें परीक्षा नियंत्रक कार्यालय भेजा गया है। हालांकि, जब विद्यार्थियों के फॉर्म अग्रसारित किए गए थे, तब मैं विभागाध्यक्ष नहीं था। - प्रो. आलोक श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, रुविवि
विद्यार्थी अपनी परेशानी लेकर हमारे पास आए थे। उनकी समस्या का नियमानुसार समाधान किया जाएगा। - संजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक, रुहेलखंड विश्वविद्यालय