बरेली। लोगों की छोटी-छोटी शिकायतों के त्वरित निदान के लिए बनाई गई चौकियां पुलिसकर्मियों के दूसरे कामों में व्यस्त होने से बेमतलब होकर रह गई हैं। मंगलवार को ऐसे कुछ लोग चौकियों के चक्कर लगाते मिले, जिनके पास घटना के बाद से आज तक पुलिस झांकी तक नहीं है।
कोतवाली के सौदागरान मोहल्ला की अन्नू रस्तोगी ने बताया कि वह एसएसपी व एसपी सिटी से शिकायत करके आई हैं। 29 अक्तूबर को उनके बेटे कृष्णा को गली के बाहर से कुछ लड़कों ने उठा लिया था। बाइक की चाबी छीनकर उसकी पिटाई की। वह लोग बेटे को बचाने गए तो उन पर भी हमला कर दिया। उन्होंने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। बिहारीपुर चौकी प्रभारी शिवम कुमार को विवेचना मिली है। आरोप लगाया कि आज तक चौकी प्रभारी न तो घटनास्थल देखने आए और न किसी आरोपी से पुलिस ने पूछताछ की। वह चौकी जाती हैं तो प्रभारी कहते हैं कि उनके पास और भी कई काम हैं।
बारादरी के फाल्तूनगंज निवासी वीना अग्रवाल ने बताया कि एक अक्तूबर को पड़ोसी और कुछ अनजान लोग उनके मकान की दीवार तोड़ रहे थे। उन्होंने वीडियो पुलिस को दिया था। सूचना पर पहुंचे श्यामगंज चौकी प्रभारी मजदूरों को साथ ले गए और पूछताछ के बाद छोड़ दिए। तब से वह और उनके पति चौकी के चक्कर ही काट रहे हैं। बिहारीपुर कसगरान की कल्पना रस्तोगी 27 अक्तूबर को घर में अकेली थीं। एक शख्स हेलमेट लगाकर उनके घर में घुसा। कल्पना ने उसे टोका तो उसने लोहे की किसी भारी चीज से उन पर हमला कर दिया और भाग गया। वह कोतवाल अमित पांडेय के पास पहुंचीं तो उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कर ली। तब से कल्पना और उनके पति लगातार बिहारीपुर चौकी के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने आज तक मुआयना नहीं किया और न आरोपी का पता लगाने की कोशिश की। उनके बार-बार अनुरोध पर मंगलवार को दरोगा कमलजीत ने मुआयना किया। ब्यूरो
- पीड़ितों की शिकायतों को प्राथमिकता से लेकर जांच व कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर चौकी प्रभारी इस तरह की लापरवाही कर रहे हैं तो उनकी भूमिका की जांच की जाएगी। - मानुष पारीक, एसपी सिटी