एक साथी सलमान पहले ही कश्मीर से हो चुका है गिरफ्तार
बरेली। किला के कटघर मोहल्ले से पकड़े गए इनामुल के तार जिस संगठन से जुड़े थे, उसी के चार आतंकी दिल्ली में गिरफ्तार किए गए हैं। इनामुल के मोबाइल से मिले इनपुट के आधार पर जांच एजेंसियां काम कर रही थीं। चार आतंकियों के पकड़े जाने के बाद बरेली व मुरादाबाद क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है।
ढाई महीने पहले लखनऊ एटीएस ने आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में इनामुल को गिरफ्तार किया था। उसके फेसबुक अकाउंट से एटीएस को कई अहम जानकारियां मिली थीं। इनपुट के आधार पर ही इनामुल के साथी सलमान वानी की कश्मीर से गिरफ्तार किया गया था। छानबीन के दौरान पता चला कि इनामुल के तार अलकायदा के संगठन अंसार गजवतुल हिंद से जुडे़ थे। इनामुल गजवतुल हिंद के मारे गए आतंकी जाकिर मूसा के शरीयत एवं शहादत अभियान को आगे बढ़ा रहा था। बीते शनिवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने आईटीओ रिंग रोड से इसी संगठन से जुडे़ चार आतंकवादियों को गिरफ्तार कर उनके पास से हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। उनसे मिली जानकारियों के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम आगे भी कई जिलों से गिरफ्तारी कर सकती है।
पहले से ही संवदेनशील है किला इलाका, टुंडा का भी था कनेक्शन
बरेली। शहर के किला इलाके की बात करें तो यह असामाजिक गतिविधियों के लिए चर्चित रहा है। यहां अक्सर दूसरे प्रांतों व शहरों की पुलिस दबिश देती रहती है। बम बनाने व हैदराबाद विस्फोटों के लिए चर्चित अब्दुल करीम उर्फ टुंडा का भी किला क्षेत्र से जुड़ाव रहा है।
गाजियाबाद के पिलखुआ निवासी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा इन दिनों गाजियाबाद जेल में बंद है। हैदराबाद में हुए बम धमाकों के दर्जन भर मामलों में उसे इसी साल बरी किया गया है जबकि दूसरे मामलों में अभी सुनवाई चल रही है। टुंडा का बरेली के किला इलाके से जुड़ाव रहा है। वह बम बनाने का मास्टर माइंड बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि किशोरावस्था से ही वह इस धंधे से जुड़ा था। बम बनाने के दौरान विस्फोट से उसका एक हाथ भी उड़ गया। इसी वजह से उसके नाम के आगे टुंडा जुड़ गया।
करीब 20 साल पहले टुंडा को जब पुलिस ने गिरफ्तार किया तो पूछताछ के बाद उसके बरेली कनेक्शन का पता लगा। बाहर से टीमें आईं और बारादरी इंस्पेक्टर टीपी सिंह के नेतृत्व में मलूकपुर नाले के पास दबिश दी गई। यहां एक मकान में खराद मशीन लगाकर हथियार बनाने का काम किया जा रहा था। दबिश के दौरान कई लोग भाग गए। मकान मालिक भी भाग निकला। काफी दबाव के बाद उसे पकड़ा जा सका। पुलिस टीम ने 10 दिन मीरगंज, हल्दीकलां व अलग-अलग हिस्सों में रहकर दबिश दी थी। इस दौरान कई जगहों से हथियार भी बरामद हुए थे।