लॉकडाउन में राहत के बहाने मिठाई की दुकानें तक खोल डालीं, दोपहर बाद फार्म में आई पुलिस
बरेली। सरकार ने सोमवार से कुछ दफ्तरों में सीमित कामकाज व कुछ उद्योगों में काम की छूट का प्रावधान किया तो उसका उलटा असर देखने को मिला। कलक्ट्रेट में पास बनवाने को फरियादी उमड़ पड़े, जिन्हें सिटी मजिस्ट्रेट ने बमुश्किल बाहर किया। दोपहर में फिर से पब्लिक की नो एंट्री कर दी गई। बाजारों में भीड़ बढ़ गई। मोहल्लों में गैरजरूरी दुकानें खुली मिलीं, हवाई अड्डे के पास खुली मिठाई की दो दुकानों को शिकायत के बाद पुलिस ने बंद कराया। अमर उजाला टीम ने कैमरे की नजर से शहर का हाल देखा तो शहर के अलग-अलग हिस्सों में लॉकडाउन उल्लंघन के हालात मिले।
मुख्य रास्तों पर बढ़ गई भीड़
सोमवार को आम दिनों के मुकाबले सड़कों पर लोगों की भीड़ ज्यादा थी। सुबह खरीददारी के बहाने लोग निकले तो पुलिस ने ज्यादा टोकाटाकी नहीं की। श्यामगंज चौराहे पर चेकिंग सुबह के वक्त सामान्य रही और पुलिस ने हर किसी को टोकने से परहेज किया। अयूब खां चौराहा, कुतुबखाना इलाकों में भी ज्यादा भीड़ थी। हालांकि कुतुबखाना, किला व आलमगीरीगंज के बाजार में अधिकांश दुकानें बंद थीं पर अन्य दिनों के मुकाबले मेडिकल स्टोर्स, जरूरी सामान की दुकानों पर ज्यादा रौनक थी।
मोहल्लों में खुलीं दुकानें, ब्रेड-पकौड़े भी बेचे
लॉकडाउन में राहत केवल किसानों व फैक्ट्रियों के मजदूरों को मिली पर अपनी सुविधा देखकर लोगों ने कई गैरजरूरी दुकानें भी खोल लीं। पुराना शहर में ऐसी ही दुकानें गली-गली खुली थीं जिनका कोई औचित्य नहीं था। इन सभी स्थानों पर ब्रेड-पकौड़ा, चाट जैसी चीजें बेची जा रही थीं। कैमरे देखकर दुकानदार और ग्राहक भागते नजर आए।
मोहल्लों की गलियों में भीड़ ने लगाया जमघट
मुख्य मार्गों पर भी पुलिस की सख्ती देखने को मिली, जबकि पूरे दिन शहर के कई मोहल्लों में भीड़ ने घरों के बाहर जमघट लगाए रखा। कालीबाड़ी, संजय नगर, गंगापुर, सैलानी, चक महमूद व जगतपुर में कई जगह लोग दरवाजों के बाहर एकदूसरे से चकल्लस करते दिखे। गंगापुर तिराहे पर तो एक शराबी रिक्शेवाले ने काफी हुड़दंग किया।
एयरफोर्स गेट पर खुलीं मिठाई की दुकानें
इज्जतनगर में एयरफोर्स गेट के सामने सोमवार को मिठाई की दो दुकानें खोल खुली मिलीं। बताते हैं कि इनमें से एक दुकान सपा नेता व दूसरी उनके भतीजे की है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसका वीडियो बनाकर एएसपी अभिषेक वर्मा समेत कई और अधिकारियों को भेज दिया। अधिकारियों के आदेश पर गई चीता पुलिस दुकानें बंद कराकर चली आई। इस मामले में कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि वहां समोसे और ब्रेड-पकौड़े भी बनाए जा रहे थे। स्थानीय नेता भी दुकानदारों पर 188 की कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इंस्पेक्टर केके वर्मा ने बताया कि वह जब मौके पर पहुंचे तो दुकानें बंद मिलीं।
भीड़ लगाई तो सिटी मजिस्ट्रेट ने बंद कराया कलक्ट्रेट गेट
कलक्ट्रेट पर पूरे दिन फरियादियों की भीड़ रही। इनमें से अधिकांश लोग दूसरे शहरों में जाने के लिए पास बनवाने तो कई शादी व कार्यक्रम की अनुमति मांगने पहुंचे थे। सुबह सिटी मजिस्ट्रेट ने भीड़ देखी तो सुरक्षाकर्मियों को गेट बंद करने का आदेश दिया। दोपहर डेढ़ बजे के करीब दोबारा से काफी संख्या में लोग गेट पर आ गए। वह हवाला दे रहे थे कि आज से दफ्तर खोलने व कामकाज शुरू करने का आदेश है। इस पर सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों से उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस का कहना था अधिकारी व स्टाफ केवल विभागीय कामकाज ही निपटा रहे हैं। जनता को अंदर आने की अनुमति अभी नहीं है।