फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: नगर निगम ने खाली भूखंडों पर भी लगा दिया कर

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। नगर निगम ने शहर के कई खाली भूखंडों पर भी कर लगा दिया। बिल मिलने पर अब भूखंड स्वामी सुधार के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
विज्ञापन

कटर चांद खां निवासी मायादेवी के 270 वर्गफुट के भूखंड पर 35,675 रुपये कर लगाया गया है। पार्षद छंगामल ने बताया कि खाली भूखंड को आवासीय भवन दिखाकर कई साल पहले से टैक्स लगा दिया गया है, जबकि मकान दस माह पहले ही बना है। सिविल लाइंस निवासी डॉ. एके गोयल का सेटेलाइट के पास खाली भूखंड है। इस पर 56,000 रुपये का बिल भेजा गया है। डॉ. गोयल ने बताया कि उन्होंने पार्षद से शिकायत की है। पार्षद सुभाष वर्मा ने बताया कि उनके खाली भूखंड पर भी टैक्स लगा है। अब दोनों मामलों में वह नगर निगम में पैरवी करेंगे, क्योंकि खाली भूखंड पर कर लगाने का नियम नहीं है।
शहरी क्षेत्र में करीब 18,000 खाली भूखंड हैं। जीआईएस सर्वे के बाद इनमें से कई भूखंड स्वामियों के नाम गृहकर के बिल जारी हो गए। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने भी इस तथ्य को स्वीकार किया। कहा कि जो मामले संज्ञान में आ रहे हैं, उनका निस्तारण कर रहे हैं। खाली भूखंड का टैक्स बिल शून्य किया जा रहा है। अगर किसी के खाली भूखंड पर टैक्स लगा है तो गूगल लोकेशन के साथ मौके की तस्वीर सहित प्रार्थनापत्र दें। तीन से चार दिन में निस्तारण किया जाएगा।
विज्ञापन

छह गुना से अधिक लगा दिया कर, आपत्ति पर भी निस्तारण नहीं
इंदिरा नगर निवासी माया देवी के नाम वर्ष 2022-23 में 475 रुपये टैक्स लगा था, लेकिन इस बार 3162 रुपये कर लगाया गया है। बिल में संशोधन के लिए उन्होंने 23 अगस्त को कर निरीक्षक को प्रार्थनापत्र दिया है। तब कहा गया था कि प्रार्थनापत्र पर फोन नंबर लिखकर दीजिए। यहां से कॉल की जाएगी, लेकिन आज तक उनको कोई कॉल नहीं आई।
दूसरे के मकान की आईडी पर जारी कर दिया बिल
इंदिरानगर निवासी तपेश मौर्य के मकान पर दूसरे की आईडी का कर लगा दिया गया। आईडी सही करने के लिए 25 जुलाई को प्रार्थनापत्र दिया गया था, लेकिन अब तक सुधार नहीं हुआ। पार्षद सतीश कातिब ने बताया कि तीन दिन में आपत्ति का निस्तारण होना चाहिए। 24 सितंबर 2024 को सदन में मेरे प्रस्ताव पर यह निर्णय लिया गया था, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। ब्यूरो
विज्ञापन



कर से जुड़ी दिक्कतों के लिए प्रार्थनापत्र दें। तीन से चार दिन में उसका निस्तारण किया जाएगा। जो कर्मचारी देरी करेंगे, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। - पीके मिश्र, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें