बरेली। सीबीएसई के 10वीं और 12वीं के परीक्षाफल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने विद्यार्थियों ने शहर का मान बढ़ाया है। उन्होंने आगे बढ़ने और कुछ हासिल करने के जुनून के साथ मेहनत करके लक्ष्य हासिल किया है। उनका मानना है कि यही जुनून उन्हें हार नहीं मानने देता।
सोमवार को परिणाम घोषणा के बाद अमर उजाला से बातचीत में मेधावियों ने अपने प्रेरणा स्रोत, पढ़ाई करने का तरीका या प्रतिशत भले ही अलग-अलग बताया, लेकिन लक्ष्य के प्रति समर्पण भाव सभी में समान दिखा। सभी मेधावियों ने अपना लक्ष्य तय कर रखा है। कोई चिकित्सक बनना चाहता है तो कोई सिविल सेवा की तैयारी करना चाहता है। इसके लिए वह बुनियाद को मजबूत कर रहे हैं और उस क्षेत्र से संबंधित विषयों को उन्होंने पढ़ाई के लिए चुना है। उन्होंने कोचिंग से अधिक विद्यालय में होने वाली पढ़ाई पर ध्यान दिया। मेधावियों का कहना है कि तैयारी के दौरान उनकी राह में भी कई बार बाधाएं आईं, मन विचलित हुआ, लेकिन अपने सपनों को पूरा करने के जज्बे ने हार नहीं मानने दी। उन्होंने सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया पर इसे खुद पर हावी नहीं होने दिया। पढ़ाई के लिए सकारात्मक माहौल बनाने में सबसे अहम भूमिका विद्यार्थियों के परिवार की रही। मेधावियों ने पढ़ाई के साथ ही विद्यालयों में होने वाले खेलों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।
अंक प्रतिशत बढ़ने से सुधरा रिजल्ट
सीबीएसई समन्वयक डॉ. वीके मिश्रा का कहना है कि इस बार जिले में मेधावियों की संख्या बढ़ी है। पिछली बार के मुकाबले बेहतर अंक प्रतिशत हासिल करने वाले मेधावी इस बार अधिक हैं। उदाहरण के रूप में 70, 80 या 90 फीसदी से अधिक अंक पाने वाले मेधावियों की जो संख्या पिछले वर्ष थी, उसमें तकरीबन पांच प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार ये आकलन जिले के विभिन्न विद्यालयों के परिणाम को प्रारंभिक रूप से देखने के बाद सामने आया है। चूंकि, सीबीएसई की ओर से जिलेवार परिणाम को लेकर कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, इसलिए विद्यालयों के स्तर से परिणाम का आकलन करके इस बार बेहतर परीक्षाफल होने का अनुमान है।