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Bareilly News: अपने ही बुने जाल में फंस गया अधिवक्ता

Thu, 07 May 2026 01:43 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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अगस्त 2023 में विधि छात्रा की हत्या कर शव रामगंगा के फेंकने का आरोपी अधिवक्ता गौरव सिंह खुद अपने ही जाल में फंस गया। हत्या में उसका साथ देने वाले अधिवक्ता यश साहू को भी 24 मई के बाद सरेंडर करना होगा। हाईकोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी पर स्टे लगा रखा है।
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शाहजहांपुर के खुदागंज थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने गौरव और उसके साथी यश पर के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों आरोपी विवेचकों को गुमराह करते रहे। मार्च 2024 में विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। विवेचक इंद्रकुमार ने बताया कि गौरव का पिता रिटायर्ड इंस्पेक्टर है। उसका एक भाई वकील और एक पुलिस में इंस्पेक्टर है। उसकी तैनाती इन दिनों इटावा में है। छात्रा 2017 में नवादा शेखान में मौसी के घर आई थी। उसके मौसेरे भाई ने छात्रा की पहचान गौरव से कराई।
छात्रा के परिवार वालों की गांव में पार्टीबंदी चल रही थी। गौरव ने कोर्ट के जरिये छात्रा के विरोधियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके बाद दोनों में नजदीकी बढ़ गई। गौरव ने विश्वास में लेकर छात्रा को अपने घर के पास ही किराये पर मकान दिला दिया। दोनों एक9दूसरे के घर आने-आने लगे। गौरव ने छात्रा के साथ शारीरिक संबंध बनाए। वह गर्भवती हुई तो गर्भपात कराया।
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गौरव ने दूसरी शादी कर ली तो छात्रा ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी। गौरव और उसकी पत्नी को इस बारे में पता लग गया। उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई तो गौरव ने यश के साथ मिलकर छात्रा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। घटना वाले दिन उसे रुपये देने के लिए कचहरी बुलाया और उसकी हत्या कर दी।
ऐसे आगे बढ़ी विवेचना
छात्रा की ओर से आईजीआरस पर की गई शिकायत जून 2023 में निस्तारित कर दी गई। छात्रा से फीडबैक मांगा गया तो उसने असंतुष्टि जाहिर की। शिकायत में छात्रा ने पूरा घटनाक्रम भी लिखा था। उसने बताया था कि कब-कब उसके साथ गौरव ने शारीरिक संबंध बनाए। वह कब गर्भवती हुई और कब उसका गर्भपात कराया। बाद में किस-किस अस्पताल से उसे दवा दिलाई। क्राइम ब्रांच ने जांच की तो परतें खुलती गईं। गौरव ने छात्रा के साथ महानगर के एक बैंक में ज्वाइंट एकाउंट खुलवाया था। उसका एलएलबी में दाखिल भी उसी ने कराया और खुद को उसका भाई बताया था। कोचिंग में भी गौरव ने अपना नंबर दिया था। कई बार फीस भी जमा की थी।
घटना वाले दिन कई घंटे बंद रहा आरोपी का फोन
जांच के दौरान सामने आया है कि घटना वाले दिन दोपहर 2:30 बजे तक विधि की छात्रा, गौरव और यश साहू के मोबाइल फोन की एक ही लोकेशन मिली। इसके बाद फोन बंद हो गए। शाम को गौरव का फोन चालू हुआ। इससे भी शक गहराया। जांच के दौरान कड़ियों से कड़ियां मिलती गईं और क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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