बरेली। इज्जतनगर में एसिड अटैक की घटना को अवसाद या एकतरफा प्यार का मामला मानकर पुलिस तफ्तीश कर रही है। सर्विलांस से साक्ष्य जुटाकर पकड़े गए युवकों से पूछताछ में इसी तरह की स्थिति सामने आई है पर असली आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है।
छात्रा नौ फीसदी और उसका भाई 20 फीसदी झुलसे हैं। पुलिस व एसओजी की टीम ने निजी अस्पताल जाकर दोनों से बात करने का प्रयास किया। उनके परिजनों, मकान मालिक व दूसरे किरायेदारों से पूछताछ की। छात्रा व उसके भाई के नंबरों की कॉल डिटेल निकालकर पुलिस ने उस कॉलोनी से दो युवकों को उठाया जहां ये भाई-बहन इससे पहले किराये पर रहते थे। इन युवकों में से एक धर्मकांटे पर तो दूसरा बैटरी की दुकान पर काम करता है।
इन्होंने खुद को बेगुनाह बताते हुए फरीदपुर के तीसरे युवक का नाम लिया। रात में पुलिस उसे भी ले आई। तीनों युवकों से पूछताछ के बाद ये नतीजा नहीं निकल सका था कि इनमें से असली आरोपी कौन है या फिर कोई चौथा आरोपी भी है। इंस्पेक्टर अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जल्दी ही सच्चाई सामने आ जाएगी।
जिले में पहले भी हो चुकी हैं एसिड अटैक की घटनाएं
- 26 अप्रैल को फतेहगंज पश्चिमी के पास एक युवती को तेजाब से जलाकर फेंक दिया गया था। जांच में पता चला कि युवती के पिता, भाई और बहनोई ने उसकी हत्या करके तेजाब से जला दिया था। युवती अपने गांव के ही युवक से शादी करना चाहती थी। जबकि परिजनों ने भमोरा क्षेत्र के एक युवक से उसकी शादी कर दी थी। बगावत करने पर परिजनों ने हत्या कर दी थी।
- लोधीपुर का रहने वाला नाजिम किच्छा में लोहार का काम करता है और रोजाना घर से ही आता-जाता है। 11 अगस्त को वह ई-रिक्शा से घर लौट रहा था। नैनीताल हाईवे पर मंडनपुर शुमाली के पास बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने तेजाब फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। उसका इलाज जिला अस्पताल में हुआ था।