बरेली। शाही थाना क्षेत्र में महिला की हत्या व लूट मामले में पहली गाज पुलिसकर्मियों पर गिरी है। हत्या के बाद जाम व भीड़ से उपजे बवाल को भांपने में नाकाम रहे थाना प्रभारी सतीश कुमार नैन और दुनका चौकी प्रभारी जगदीश चंद्र जोशी को एसएसपी ने लाइनहाजिर कर दिया है। दोनों के निलंबन की संस्तुति चुनाव आयोग से की गई है।
मंगलवार शाम ससुराल से लौट रहे युवक राजकुमार की पत्नी हेमलता की बदमाशों ने दो गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। राजकुमार के मुताबिक पत्नी के जेवर लूट रहे बदमाशों ने विरोध करने पर उसे भी घायल कर दिया था। हत्या और लूट की घटना में पुलिस के तत्काल न पहुंचने का आरोप लगाते हुए आक्रोशित भीड़ ने धनेटा-शीशगढ़ मार्ग पर दुनका चौकी के सामने जाम लगा दिया था। रात आठ से दस बजे तक वहां जाम लगा रहा। इस वजह से उत्तराखंड तक के वाहन फंसे रहे। जाम खोला भी गया तो लोगों ने रात 12 बजे तक शव नहीं उठाने दिया। इस दौरान भीड़ ने अधिकारियों से भी धक्कामुक्की की थी।
इंस्पेक्टर शाही व दुनका चौकी प्रभारी जगदीश चंद्र जोशी भीड़ को नियंत्रित करने में पूरी तरह फेल साबित हुए। इस वजह से एसएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर आकर व्यवस्था संभालने के लिए जूझना पड़ा। पांच घंटे तक अराजकता की स्थिति बनी रही। इस पर एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारी को लाइनहाजिर करते हुए चुनाव आयोग से उनके निलंबन की संस्तुति भी की है।