बरेली। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण लेने के मामले में खादी ग्रामोद्योग अधिकारी पर भी कार्रवाई हो सकती है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद विभाग में खलबली मची है। तरह-तरह की चर्चाएं चल रहीं हैं। सूत्रों की माने तो वर्तमान खादी ग्रामोद्योग अधिकारी की लापरवाही भी सामने आ रही है। इकाइयों के स्थलीय निरीक्षण में ग्रामोद्योग अधिकारी की ओर से भी अनियमितताएं बरती गई थीं। वहीं, नामजद आरोपियों पर कमीशन लेने के आरोप भी लग रहे हैं।
खादी एवं ग्रामोद्योग इकाइयों को ऋण दिलाने के नाम पर घोटालेबाजों ने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों से सांठगांठ कर ली। स्थलीय निरीक्षण करने गई टीम के सदस्यों से भी कमीशन सेट कर लिया। शिकायत पर शासन ने मामले की जांच कराई तो 28 लोगों के नाम सामने आए और उन पर एफआईआर करा दी गई। सूत्रों की मानें तो मामले में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारी की संलिप्तता भी रही। करीब तीन वर्ष पूर्व इस मामले का स्थलीय निरीक्षण करने संबंधी आदेश भी ग्रामोद्योग विभाग में आए थे। इसके बाद वर्तमान में तैनात खादी ग्रामोद्योग अधिकारी की ओर से इन इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण किया गया, लेकिन खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को भेजी गई रिपोर्ट में खामियां पाई गई हैं। एंटी करप्शन की टीम वर्तमान खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी से भी पूछताछ कर सकती है। संवाद
मामले की जांच चल रही है। जो भी चीजें होंगी, सामने आएंगी। टीम उसी आधार पर खुद कार्रवाई करेगी। - अजय पाल, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी