बरेली। गर्म हो रहा मौसम बच्चों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती 19 बच्चों में से 14 डायरिया और पांच वायरल बुखार से पीड़ित रहे। चिकित्सक के मुताबिक, ज्यादातर बच्चे गंभीर हालत में पहुंचे। समय से इलाज होता तो उनको भर्ती करने की नौबत नहीं आती।
मंगलवार को वार्ड में भर्ती हुआ पुराना शहर निवासी शबाना का पांच माह का बेटा उमर डायरिया की चपेट में है। इसी तरह अशरफ खां छावनी निवासी हिना की दो वर्षीय बेटी आबिदा फातिमा, कटरा चांद खां निवासी डेढ़ वर्षीय सोफिया को भी डायरिया की पुष्टि हुई। अभिभावक बच्चों को ओपीडी में दिखाने पहुंचे थे। वहां हालत गंभीर मिलने पर उन्हें वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कराया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. करमेंद्र ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों की सेहत की निगरानी बेहद जरूरी है। थोड़ी भी दिक्कत हो तो इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।
चिकित्सक के परामर्श के बाद ही दवा का सेवन कराना चाहिए, क्योंकि बुखार या दस्त की कई वजह होती है। डेंगू, मलेरिया के मरीज भी मिल रहे हैं। ऐसे में गलत दवा के सेवन से सेहत सुधरने के बजाय बिगड़ सकती है। बताया कि ओपीडी में इलाज के लिए 128 बच्चे पहुंचे थे।
बैक्टीरिया के हमले से होता है डायरिया
बाल रोग विशेषज्ञ के मुताबिक दूषित भोजन या पानी, दूध के सेवन से डायरिया होता है। साल्मोनेला, ई कोलाई, कैंपिलोबेक्टर जीवाणु, बैसिलस सेरेस, स्टैफिलोकोककस ऑरियस बैक्टीरिया जब किसी पदार्थ के सेवन से शरीर में प्रवेश कर जाएं तो संक्रमण पैदा करते हैं। इससे उल्टी-दस्त होता है। लैक्टोज, फ्रक्टोज, इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम अनियमित हो जाते हैं। ब्यूरो
बचाव के उपाय
- धूप में ज्यादा देर न रहें।
- जूस, नमक, शक्कर का घोल, ओआरएस दें।
- स्तनपान कर रहे बच्चों को जबरन दूध न पिलाएं।
- फार्मूला दूध पी रहे बच्चों का दूध न बदलें।
- दूध की बोतल को गर्म पानी से साफ करें।
- 24 घंटे से ज्यादा दस्त हो तो डॉक्टर को दिखाएं।