बरेली। शासन ने विकास भवन में नियुक्त कनिष्ठ सहायक अक्षय कुमार की सेवा समाप्ति के मामले में डीडीओ से रिपोर्ट मांगी है। हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए सात दिनों के भीतर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है। यह मामला अक्षय कुमार के टाइपिंग टेस्ट में नियमानुसार गति प्राप्त न कर पाने से जुड़ा है।
अक्षय कुमार की नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे से हुई थी। दो टाइपिंग टेस्ट में अक्षय नियमानुसार गति प्राप्त नहीं कर पाए। इसके बाद डीडीओ ने उन्हें कनिष्ठ सहायक पद से मुक्त कर चतुर्थ श्रेणी पद पर वापस करने या सेवा समाप्त करने का आदेश दिया। अक्षय कुमार ने इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने आरोप लगाया कि 30 अक्तूबर 2025 को न्यायालय ने एक और टाइप टेस्ट का अवसर देने का आदेश दिया था, पर डीडीओ कार्यालय ने तिथि तय नहीं की। जबकि अन्य सहकर्मियों को तीसरा अवसर दिया गया था। उपायुक्त ग्राम्य विकास राकेश रंजन ने डीडीओ को न्यायालय के आदेश के अनुरूप कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
दिनेश कुमार यादव ने कहा कि अक्षय कुमार के मामले में सभी कार्रवाई नियमानुसार की गई हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में ही शासन और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। वर्तमान में यह प्रकरण हाईकोर्ट में विचाराधीन है। न्यायालय से जो भी आदेश मिलेगा, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।