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Bareilly News: प्रेमी युगल की हत्या में प्रेमिका के पिता-चाचा को उम्रकैद, मां को सात साल का कारावास

Sat, 13 Dec 2025 02:02 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में प्रेमी युगल की हत्या के मामले में कोर्ट ने मृतका के पिता और चाचा को उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि मां को सात साल कारावास की सजा सुनाई गई है। पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। 
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जनपद न्यायालय,बरेली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में प्रेमी युगल की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या तीन) अभि श्रीवास्तव ने फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के लोधीनगर निवासी प्रेमिका के पिता वीरपाल, चाचा राजेंद्र और मां कमला देवी को दोषी पाया है। अदालत ने शुक्रवार को युवती के पिता और चाचा को उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मां को सात साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साक्ष्य के अभाव में तीन आरोपियों नरेंद्र उर्फ टेनी, राजाराम व प्रेमशंकर को बरी कर दिया है। 

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लोधीनगर निवासी कांता प्रसाद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 24 मार्च 2015 को उनका बेटा दीपक इलाके के ही वीरपाल के घर में किरायेदार सोनू के घर दावत में गया था। इसके बाद वह वापस नहीं आया। उन्होंने वीरपाल, राजेंद्र, नरेंद्र उर्फ टेनी, राजाराम, प्रेमशंकर और कमला देवी पर दीपक को हत्या के इरादे से अगवा करने का आरोप लगाया था। 

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इससे पहले वीरपाल की ओर से भी दीपक को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी थी कि वह उसकी बेटी जावित्री को बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया है। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों कड़ियों को जोड़ा तो प्रकरण ने दीपक और जावित्री की हत्या की ओर इशारा किया। पुलिस ने छह अप्रैल 2015 को जावित्री का शव एक तालाब के किनारे बोरे से बरामद किया। इसके बाद पुलिस का शक और भी गहराया। 

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अलग-अलग जगह फेंके थे प्रेमी-प्रेमिका के शव 
विवेचना के दौरान पुलिस ने वीरपाल व अन्य की निशानदेही पर दीपक का शव नौ अप्रैल 2015 को भाखड़ा नदी के पास से बरामद किया। आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो घटना का खुलासा हुआ। वीरपाल ने बताया कि उसने 24 मार्च 2015 की रात अपनी बेटी को दीपक के साथ देख लिया था। इसके बाद उसने अपने भाई राजेंद्र के साथ मिलकर दीपक की हत्या कर दी। बाद में बेटी को भी मारा डाला। दोनों के शव अलग-अलग जगह फेंक दिए। 

दीपक के अपहरण के मामले को पुलिस ने हत्या में तरमीम किया और चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने वीरपाल और राजेंद्र को जावित्री व दीपक की हत्या का दोषी करार दिया। जावित्री की मां को साक्ष्य छिपाने और अभियुक्तों का सहयोग करने का दोषी पाया।
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