नवाबगंज। बरेली से पीलीभीत जा रही बस में मंगलवार को किसी ने अपनी दो साल की बच्ची छोड़ दी। वह एक सीट पर सोती मिली। परिचालक ने भी अपना पल्ला झाड़ते हुए उसे बगल वाली सीट पर बैठीं रिछोला गांव निवासी सोनी के हवाले कर दिया। सोनी बच्ची को लेकर थाने पहुंचीं। अब पुलिस बच्ची के परिजनों की तलाश में जुटी है।
रिछोला निवासी सोनी ने बताया कि शाम चार बजे वह नवाबगंज आने के लिए सेटेलाइट से रोडवेज बस में बैठी थीं। बगल वाली सीट पर एक मासूम सो रही थी। उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। नवाबगंज पहुंचने के बाद उन्होंने बस रुकवाई। उतरते समय परिचालक ने बच्ची को साथ ले जाने के लिए कहा। उन्होंने जब कहा कि बच्ची उनके साथ नहीं है तो चालक-परिचालक ने बस में बैठे यात्रियों से बच्ची को लेकर पूछताछ की।
पता चला कि बच्ची के साथ का कोई व्यक्ति बस में बैठा ही नहीं है। इसके बाद परिचालक ने जबरन बच्ची को उनके हवाले कर दिया। कुछ समझ में न आने पर वह वह बच्ची को लेकर पुलिस के पास पहुंचीं। बच्ची को फिलहाल पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
बच्ची को गैरजिम्मेदाराना तरीके से अनजान महिला को सौंप देने को लेकर परिचालक की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। बस की आसानी से पहचान न की जा सके, इसलिए परिचालक ने बहाने से महिला यात्री से टिकट भी ले लिया। सोनी ने बताया कि उन्हें यह भी ध्यान नहीं है कि बस कौन से डिपो की थी।
कोतवाल अरुण कुमार ने बताया कि बच्ची फिलहाल हमारे पास ही है। चाइल्ड लाइन की टीम को सूचना दी गई है। उनके आने पर बच्ची को उनकी सुपुर्दगी में दिया जाएगा। सोशल मीडिया सहित अन्य साधनों से बच्ची के परिजनों की तलाश की जा रही है। महिला ने बताया है कि बस सेटेलाइट से चली थी। वहां लगे सीसी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखकर बच्ची को बस में छोड़कर जाने वालों की तलाश की जाएगी।
परिचालक का इस तरह से बच्ची को अनजान महिला के हवाले कर देना गलत है। टाइमिंग के मुताबिक देखा जाएगा कि उस समय कौन-कौन सा स्टाफ बस लेकर गया है। संबंधित की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। - अरुण कुमार वाजपेयी, एआरएम रुहेलखंड डिपो