बरेली। हनी ट्रैप के बाद शहर में एक और गिरोह सक्रिय है जो दुष्कर्म की फर्जी रिपोर्ट कराकर वसूली करता है। फतेहगंज पूर्वी नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष भाजपा नेता प्रदीप अग्रवाल के बेटे सुधांशु पर इसी गिरोह ने फर्जी मुकदमा करा दिया।
एसपी सिटी की जांच में मामला फर्जी मिला तो इसे निरस्त किया गया। गिरोह का संचालक पीडब्ल्यूडी का मेट निरंजन पकड़ा गया है, गिरोह की महिला सदस्यों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दरअसल सुभाषनगर थाना क्षेत्र निवासी चंद्रकली नाम की महिला ने आठ जनवरी का घटनाक्रम दिखाकर सुधांशु अग्रवाल उर्फ गोलू पर किला थाने में अपनी बेटी से दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोर्ट के आदेश पर पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था। किला थाने के इंस्पेक्टर क्राइम धर्मेंद्र सिंह ने 17 मार्च को जब कॉल करके गोलू को बयान के लिए बुलाया तो उन्हें मुकदमे की जानकारी हुई।
एसएसपी अनुराग आर्य से मिलकर उन्होंने घटना से अनभिज्ञता जताई और बेगुनाही के सबूत दिए तो उन्होंने एसपी सिटी मानुष पारीक से मामले की जांच कराई।
इससे साबित हुआ कि आरोप पूरी तरह फर्जी थे। कॉल डिटेल व सीसीटीवी की जांच के अलावा वादी पक्ष ने भी काफी साक्ष्य दिए तो पता लगा कि आरोप लगाने वाली महिला के पीछे गिरोह काम कर रहा है जिसका सरगना पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड का मेट निरंजन है।
निरंजन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो गिरोह के कुछ सदस्यों के नाम सामने आ गए। इनमें वादी चंद्रकली, निरंजन के साथ ही शाहजहांपुर के खुदागंज थाने के गांव रामपुर नवदिया निवासी नन्ही देवी, सुभाषनगर के शांति विहार निवासी हीराकली व वैशाली शर्मा शामिल हैं।
वैशाली वकील बताई जा रही है जो कोर्ट में गलत तथ्य पेश करके मुकदमे के आदेश कराती है और मोटी फीस लेती है। इन सभी पर सुधांशु की ओर से रिपोर्ट कोतवाली में लिखी गई है। ब्यूरो