बरेली। डीआईजी आशुतोष कुमार के कड़े रुख के बाद भी सिफारिश से अटैचमेंट कराकर थाना और चौकी में मौज करने वाले पुलिस कर्मियों को रिलीव करने में थाना प्रभारी आनाकानी कर रहे हैं। जिला स्तर पर हुई छंटनी में भी खेल हो गया। उसमें कुछ लोगों के नाम ही शामिल नहीं हैं। इससे एसएसपी को दिए गए थाना प्रभारियों के प्रमाण पत्रों पर भी सवाल खड़ा हो रहा है।
नेताओं और अफसरों की मेहरबानी से मनपसंद थाना-चौकी पर अटैचमेंट कराकर मोटी कमाई करने वाले पुलिस कर्मियों की पहुंच भी कम नहीं है। कई सिपाही तो ऐसे हैं, जो सीधे सरकार में बैठे लोगों से सिफारिश करा रहे हैं। दूसरा उनका एक आका पुलिस के आला अफसरों के करीब में बैठता है। कुछ दिनों पहले उसी की मेहरबानी से जिले में यह अटैचमेंट का खेल शुरू हुआ था। नए अफसरों के आने पर अटैचमेंट के इस खेल को लेकर फजीहत होने के बाद भी उसका रुतबा कायम है। जिला स्तर पर अटैचमेंट वाले पुलिस कर्मियों की सूची में भी उसने खेल करा दिया। उसी के खेल की वजह से अभी भी इज्जतगर, बहेड़ी, बारादरी, मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी आदि थानों और इनकी चौकियों पर कई पुलिस कर्मी रिलीव नहीं हो पाए हैं। जानकारी मिलने पर एसएसपी ने बृहस्पतिवार को वायरलैस से मैसेज कराकर सभी थाना प्रभारियों को सभी को रिलीव करने के निर्देश दिए। कप्तान की तरफ से यह भी मैसेज था कि उनकी जानकारी में आया है कि अभी अटैचमेंट वाले सभी पुलिस कर्मी रिलीव नहीं हो पाए हैं। यह अच्छी बात नहीं है। सभी को अपनी नियुक्ति स्थान पर जाना है। डीआईजी आशुतोष कुमार का कहना है कि एक बार फिर से दिखवाया जाएगा, अटैचमेंट वाले जो पुलिस कर्मी रह गए हैं, उन्हें भी रिलीव कराया जाएगा।