सरकारी अस्पतालाें में गरीब और कमजोर गर्भवती महिलाओं के लिए जननी सुरक्षा योजना के तहत निशुल्क भोजन देने की व्यवस्था है, लेकिन इस पर भी कमीशनखोरी का ग्रहण लग गया है। मंगलवार को एडी हेल्थ ने क्यारा के सीएचसी का निरीक्षण किया तो यह पोल खुली। यहां प्रसूताओं ने एडी को बताया कि उन्हें सुबह की चाय के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है। एडी हेल्थ ने सीएमओ को कैटरर्स से जवाबतलब कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
प्रसूताओं को खाना न देने की शिकायतें पहले से आ रही हैं। अधिकतर शिकायतें देहात के अस्पतालाें से हैं। हालांकि इन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। बता दें कि इस समय 15 ब्लॉक में खाना दे रहे मनी कैटरर्स ने 70 रुपये में दिन भर की डाइट देने की बोली लगाई थी। ई टेंडरिंग में इसे ही फाइनल किया गया है। इससे पहले 90 रुपये में खाना खिलाया जा रहा था। नए कैटरर को खाना देते हुए एक ही महीना हुआ है, लेकिन शिकायतें आने लगी हैं। एडी हेल्थ का कहना है कि सिर्फ क्यारा ही नहीं, कई ब्लॉकों से खाने को लेकर शिकायत आ रही है।
प्रसूताओं को यह मिलता है भोजन
सुबह नाश्ते में आधा लीटर दूध, एक बन, 25 ग्राम मक्खन, एक फल
लंच में 4 रोटी, सब्जी, दाल, चावल, सलाद
डिनर में रोटी, सब्जी
कोट
निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों से शिकायत मिली कि खाना ठीक नहीं मिल रहा है। क्यारा में तो सिर्फ चाय ही मिल रही थी जबकि प्रसूताआें के लिए पूरा मेन्यू बना हुआ है। सीएमओ से इस संबंध में पत्र लिखा गया है। -डॉ. प्रमिला गौड़, एडी हेल्थ