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दिल्ली के उत्सव में बरेली से जाएंगे 95 कलाकार

Wed, 17 Feb 2016 01:11 AM IST
बरेली
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आर्ट ऑफ लिविंग की 35 वीं वर्षगांठ पर दिल्ली में 11 मार्च से होने वाले तीन दिवसीय विश्व सांस्कृतिक महोत्सव में बरेली से 95 कलाकार हिस्सा लेंगे। पूर्वोत्तर रेलवे की आफीसर्स कालोनी में इन कलाकारों को तबला, सितार, हारमोनियम, बांसुरी, ढपली, नाल समेत 40 से ज्यादा वाद्य यंत्रों पर सुर और ताल का फाइनल रिहर्सल किया गया। इसमें रेलवे के डीआरएम और उनकी पत्नी अलका जिंदल ने भी हिस्सा लिया।  इस मौके पर डीआरएम रेलवे चंद्रमोहन जिंदल ने कहा कि दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के सामने डेढ़ सौ एकड़ से ज्यादा एरिया में 11 मार्च से होने वाले विश्व सांस्कृतिक उत्सव होगा। इसमें 155 देशों से 35 हजार कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। सात एकड़ में कलाकारों का स्टेज सजेगा। पार्थो कुनार ने बताया कि सांस्कृतिक महोत्सव में भारत पूरे विश्व को संगीत के माध्यम से शांति और सद्भावना का संदेश देगा। कोआर्डिनेटर स्वेता कुनार ने बताया कि श्री श्री रविशंकर संगीत और कला के माध्यम से विश्व को एकसूत्र में बांधने का काम कर रहे हैं। भजन गायिका चित्रा राय ने ‘गुरु की महिमा कोई न जानें’ भजन सुनाकर रिहर्सल करने आए कलाकारों को झूमने पर मजबूर कर दिया। बरेली कालेज की संगीत विभागाध्यक्ष ऊषा खन्ना ने 12 सौ सितार वादकों के साथ हिस्सा लेकर कलाकारों को रिहर्सल कराया। रिहर्सल में नवनीत सिंह, केयूरी अंजुल अग्रवाल, अमित, ममता, नीता मूना समेत तमाम कलाकार मौजूद रहे।
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30 साल बाद बजाया सितार
कलाकारों के रिहर्सल में आर्ट ऑफ लिविंग से प्रभावित होकर डीआरएम रेलवे चंद्रमोहन जिंदल की पत्नी अलका जिंदल ने 30 साल बाद सितार बजाया। स्टूडेंट लाइफ में सितारवादन का शौक रखने वाली जिंदल सितारवादन एक तरह से भूल गई थीं।
संगीत दिल से दिल को जोड़ता है ...
आर्ट ऑफ लिविंग की प्रशिक्षक और भजन गायिका चित्रा राय ने कहा कि संगीत दिल से उठने वाली ऐसी आवाज है जिसमें ध्वनि की मधुरता होती है। ये सबको अपना बना लेती है। भोला भाला हिरन संगीत की धुन सुनकर अपनी जान दे देता है। बीन की आवाज सुनकर विषधर सांप झूमने लगता है। संगीत में खोकर इंसान जाति धर्म और घर परिवार का बंधन भूलकर खुद को ईश्वर से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि गुरु जी (श्री श्री रविशंकर) चाहते हैं कि पूरा विश्व संगीत से जुड़कर जाति धर्म के नाम पर लड़ाई झगड़े खत्म कर शांति स्थापित करने में सहायक बने।
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