बरेली/आंवला। अलीगंज रोड पर इस्माइलपुर गांव में नवनिर्मित एथेनॉल प्लांट में हुए धमाके की वजह अग्निशमन विभाग की टीमों के स्थलीय निरीक्षण में साफ होने लगी है। स्पष्ट हुआ है कि विस्फोट बॉयलर में नहीं बल्कि फर्मेंटेशन टैंक में हुआ था, इसकी वजह केमिकल रिएक्शन थी। दूसरे टैंक से रिसे एथेनॉल में आग लग गई थी।
प्लांट में धमाका सोमवार दोपहर के समय हुआ था। इसके साथ ही एक हिस्से में आग लग गई थी। दो कर्मचारी आग से झुलस गए तो खेतों में लोहे के टुकड़े गिरने से एक-दो ग्रामीणों को मामूली चोटें आईं। अग्निशमन दल की बरेली, आंवला व परसाखेड़ा से आईं छह गाड़ियों ने मुश्किल से आग पर काबू पाया।
बरेली उपकेंद्र के एफएसओ संजीव कुमार व आंवला केंद्र के प्रभारी ने टीम के साथ मौके पर निरीक्षण किया। स्थानीय कर्मचारियों व ग्रामीणों से भी बात की गई। टीम के मुताबिक, जांच में पता लगा है कि ब्लोइंग टेस्टिंग के दौरान केमिकल रिएक्शन के कारण तेज धमाके के साथ फर्मेंटेशन टैंक फट गया। इसकी कैप हवा में उछलकर प्लांट से करीब 300 मीटर दूर गेहूं के खेत में जा गिरी।
चार लाख लीटर क्षमता वाले इस टैंक में उस समय करीब 65 हजार लीटर कच्चा माल था, जो आसपास फैल गया। धमाके के बाद मोटर में आग लग गई। मेन वाॅल्व खुला होने से पास के ही दूसरे टैंक से रिस रहे एथेनॉल में भी आग लग गई। बिजली आपूर्ति में दिक्कत आने से वहां लगा फायर सेफ्टी सिस्टम चालू नहीं हो सका। तब दमकल टीम की छह गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। ब्यूरो