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एनपीआर का खौफ बढ़ा.. और अपने ही ठगने लगे

सार

  • मुस्लिम समुदाय में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वालों की भीड़ बढ़ी
  • सीएए और एनपीआर को लेकर लोगों में है भ्रम
  • लोगों के डर का फायदा उठा रहे नकली प्रमाणपत्र बनाने वाले
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सीएए एनआरसी एनपीआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन - फोटो : PTI
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विस्तार
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“नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और एनपीआर (नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर) के खिलाफ सामुदायिक एकजुटता तो स्थापित हुई लेकिन इस दहशत में भी ठगने-कमाने का धंधा करने वालों ने अपने लिए नया रास्ता ढूंढ लिया। मुस्लिम समुदाय में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वालों की भीड़ बढ़ी तो मुस्लिम बस्तियों के कई जनसुविधा केंद्रों पर फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का धंधा भी परवान चढ़ गया। नगर निगम में ऐसे कई मामले पकड़े गए हैं। जिन लोगों ने इन केंद्र संचालकों को अपना समझकर पांच सौ रुपये में फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए थे, उन पर कानूनी कार्रवाई का फंदा लटकने लगा है। नगर निगम ने एफआईआर कराने के लिए कोतवाली में तहरीर दी है।

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सीएए और एनपीआर को जिस तरह देश भर में प्रचारित किया जा रहा है, उसकी वजह से मुस्लिम बस्तियों में उसका खौफ साफ दिख रहा है। नगर निगम में जन्मप्रमाण पत्र बनवाने वालों की भीड़ इस खौफ को बयान भी कर रही है। फिलहाल मई में एनपीआर की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रमाण पत्रों के लिए भागदौड़ बढ़ने लगी है और जालसाजों ने लोगों को फर्जी प्रमाणपत्र थमाकर इसका फायदा उठाना शुरू कर दिया है। नगर निगम में हाल ही में ऐसे कई मामले पकड़ में आने के बाद आवेदकों के साथ जनसुविधा केंद्र पर बैठे जालसाजों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर दी गई है।

नगर निगम के स्टाफ का मानना है कि सीएए के बाद जालसाजों ने बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए हैं। पिछले दिनों जखीरा में रहने वाली एक महिला चार बच्चों के जन्म प्रमाण पत्रों में संशोधन कराने के लिए नगर निगम के ई-नगर सेवा पटल पर पहुंची थी। प्रमाण पत्रों पर यूनुस, आहिल, सुमैरा और आयशा के नाम थे। इनका रजिस्ट्रेशन नंबर पोर्टल पर चेक किया गया तो चारों प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। यह रजिस्ट्रेशन नंबर किसी और के नाम पर दर्ज था। चारों प्रमाण पत्रों पर किला के जखीरा में चल रहे जनसेवा केंद्र फैजी हाशमी की मुहर लगी थी। छानबीन में पता चला सर्टिफिकेट को स्कैन करने के बाद ओवरराइटिंग के जरिये जालसाजी की गई है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी संजीव प्रधान ने कोतवाली में तहरीर दी थी, हालांकि अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। नगर निगम की ओर से कोतवाली में अब रिमाइंडर भेजा गया है।

दहशत: पांच गुना बढ़ गई जन्म प्रमाण पत्र के आवेदकों की तादाद

छह महीने पहले तक नगर निगम में रोजाना 20 से 25 जन्म प्रमाण पत्र ही बनते थे लेकिन अब रिकॉर्ड बता रहा है कि यहां रोजाना 120 से 150 तक जन्म प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। आवेदकों की संख्या एकाएक बढ़ने के बाद नगर निगम ने पिछले दिनों शहर के चार जोन में एक-एक जनसुविधा केंद्र को प्रमाण पत्र बनाने का जिम्मा सौंप दिया है। हालांकि प्रमाण पत्रों में कोई भी संशोधन नगर निगम में ही किया जा रहा है। संशोधन के दौरान फर्जी प्रमाण पत्र क्यूआर कोड की वजह से स्कैन होते ही वह पकड़ में आ जा रहे हैं। बताया जाता है कि जनसुविधा केंद्रों पर जाली जन्म प्रमाण पत्र बनाने को पांच सौ रुपये तक वसूल किए जा रहे हैं।

जनसुविधा केंद्र पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। थाना कोतवाली में धोखाधड़ी और सरकारी अभिलेखों से छेडछाड़ करने के माले में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर सौंपी गई है।

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- संजीव प्रधान, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

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