बरेली। रामगंगा नदी किनारे गौटिया मोहर सिंह तटबंध बनने के दौरान जमीन अधिगृहीत होने के बाद पिछले 14 साल से किसान मुआवजा पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। बुधवार को फिर किसान सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता से मिलने पहुंचे। हालांकि, यहां भी उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला।
अधीक्षण अभियंता को किसानों ने बताया कि वह लोग आंवला के रोहतापुर और मीरंगज के जैतपुर गांव से आए हैं। किसान शोभाराम, राजीव यादव, ताराचंद्र, ओम प्रकाश, रामस्वरूप, चेतराम ने बताया कि वर्ष 2011-12 में गौटिया मोहर सिंह तटबंध बना था। इसके लिए जमीन ले ली गई मगर, आज तक मुआवजा नहीं मिला है। आए दिन चक्कर लगाने के बाद भी समाधान नहीं हो पा रहा।
किसानों की बात सुनकर अधीक्षण अभियंता ने अपने कार्यालय में अधिशासी अभियंता नीरज कुमार लांबा को तलब किया। मुआवजा गणना की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में देने के लिए कहा।
उन्होंने किसानों को भरोसा दिया है कि शासन में धनराशि की मांग भेजकर हर हाल में मुआवजा देंगे। किसान मंडलायुक्त के कार्यालय भी पहुंचे थे, वहां भी प्रार्थना पत्र देकर मुआवजा देने की मांग उठाई। संवाद
पात्र किसानों को मुआवजा दिलाएंगे। इसके लिए अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए हैं कि मुआवजा गणनापत्र की जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट दें। - दिलीप चतुर्वेदी, अधीक्षण अभियंता, बाढ़ खंड