फील्ड यूनिट की जांच में आरोपी से मिले तमंचे से ही गोली चलने की पुष्टि
बरेली/फरीदपुर। मकान का ताला तोड़कर अंदर घुसने से बदमाश के खुदकुशी करने की पूरी वारदात करीब सवा घंटे में हुई। पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरे में बाकी सारा वाकया तो कैद हुआ लेकिन जहां बदमाश अजय के खुद को गोली मारने की बात कही जा रही है, वह जगह कैमरे के फोकस में नहीं है। अजय के परिवार का भी कहना है कि खुद गोली मारने की बात यकीन के काबिल नहीं है। पुलिस कुछ छिपा रही है।
घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर लगे सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि सफेद रंग की एक ईको रात 1.14 बजे बुखारा से फरीदपुर की ओर आती है। 1.20 बजे दो बदमाश सुखपाल शर्मा के घर का ताला तोड़ते नजर आते हैं। इसी बीच कोई गाड़ी आती है और वे भागकर एक पेड़ की आड़ में छिप जाते हैं। गाड़ी जाने के बाद 1.26 बजे दोनों ताला तोड़कर मकान में घुस गए। रात 1.44 बजे पहुंची चीता मोबाइल दरवाजे के ताले टूटे देखकर रुकी। एक सिपाही किसी को फोन करता नजर आता है दरवाजा पर बाहर से कुंडी भी लगा देता है। इसके बाद वही ईको कार 1.49 बजे मठिया की ओर से आती है और पुलिसकर्मियों को देखकर तेजी से बुखारा की ओर चली जाती है।
रात 1.56 बजे इंस्पेक्टर फरीदपुर सुनील पचौरी मौके पर पहुंचे जिसके बाद दो बजकर एक मिनट पर दो और बाइक पर चार पुलिसकर्मी पहुंच गए। इसके बाद सभी दरवाजा खोलकर एकसाथ अंदर घुस जाते हैं और फिर रात ढाई बजे तक पुलिसकर्मी अंदर-बाहर आते-जाते रहते हैं। पुलिस के मुताबिक इसी बीच बदमाश अजय सुखपाल के मकान की दूसरी मंजिल से सोनू शर्मा की छत पर कूदा और फिर वहीं अपनी कनपटी में गोली मार ली। घटना की सूचना पर रात में ही फील्ड यूनिट भी जांच करने पहुंची। पुलिस का कहना है कि बैलेस्टिक किट से जांच की गई तो पाया गया कि गोली उसी तमंचे से चली जो बदमाश के हाथ में था।
पड़ोसी टाल मालिक की जुबानी..
घटनास्थल के ठीक सामने रहने वाले टाल के मालिक सिद्दीक कुरैशी ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे उन्होंने सामने वाले घर से शोरशराबे की आवाज सुनी। दरवाजे की दराज से झांककर देखा तो पुलिस की चहलकदमी दिखाई दी, कुछ देर बाद चार-पांच फायर की आवाज भी सुनी। रात करीब ढाई बजे पुलिस वालों ने उन्हें जगाकर कुछ सीढ़ियां देने को कहा। तब पता चला कि सामने वाले घर में चोर घुसे हैं। कुछ देर बाद पता चला कि गोली लगने से कोई बदमाश मर गया है। पुलिस वालों ने उन्हें बताया कि उसने खुद ही गोली मार ली। बता दें कि सुखपाल का मकान बस्ती से बाहर बना हुआ है। यह मकान उन्होंने नया बनवाया है, दूसरा मकान इससे कुछ दूर है। उनका बेटा कभी-कभी इस मकान में रुकता है इसीलिए वहां बेड के अलावा सिर्फ टीवी और फ्रिज ही है। बृहस्पतिवार रात मकान में ताला लगा देखकर बदमाश अंदर घुसे लेकिन कुछ ही देर में उन्हें पुलिस ने घेर लिया।
भाई ने कहा- कई बार जेल जा चुका था, पुलिस से डरने की बात गलत
फरीदपुर पुलिस ने सुबह चार बजे चौबारी के प्रधान पप्पू के जरिए बदमाश अजय के परिवार को घटना की सूचना दी। वे लोग दोपहर को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। अजय के बड़े भाई हरीओम ने बताया कि अजय छह भाइयों में पांचवें नंबर का था। कुछ मामलों में गिरफ्तार होकर जेल भी जा चुका था। लिहाजा यह बात समझ में नहीं आती कि उसने जेल जाने के डर से खुद को गोली मार ली। अजय के चाचा अवधेश ने कहा कि पुलिस पूरी बात सही नहीं बता रही है, कुछ गड़बड़ी जरूर है। अगर उसे खुदकुशी ही करनी थी तो उसने छत से कूदकर भागने की कोशिश क्यों की। पुलिस का भी कहना है कि अजय थाना कैंट से चोरी और बिथरी चैनपुर से एक डकैती में जेल जा चुका है। उस पर कुछ और मुकदमे भी दर्ज हैं। हालांकि परिवार का कहना है कि वह सिर्फ मारपीट के मामलों में जेल गया है। बाकी मुकदमे रंजिशन लगवाए गए हैं।
सिर से आरपार हो गई गोली
बदमाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कनपटी में लगकर गोली आरपार होने की बात सामने आई है। इसके अलावा उसके सिर में भी चोट मिली है। ब्लैकनिंग से पुष्टि हुई है कि गोली पास से ही लगी है।