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पहले से ही टूटा हुआ था खलीक का परिवार

Thu, 17 Nov 2016 01:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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The family already had broken khaleeq - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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 बैंक की लाइन में गिरकर मरे खलीक अहमद रमजान से पहले दुबई में काम की तलाश में गए थे। काम न मिलने पर ईद-उल-जुहा से पहले वह बैरंग घर लौट आए थे। विदेश जाने से पहले उन्होंने मिनी लोडर फाइनेंस कराकर खरीदा था। वह लौटकर आए तो उनका मिनी लोडर भी फाइनेंस कंपनी के लोग खींचकर ले गए। इसके बाद खलील अहमद की माली हालत और खराब हो गई।  
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खलीक अहमद के शव को इंशा की नमाज के बाद कोट कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया। हादसे से उनके परिवार का बुरा हाल है। पत्नी नीलम परवीन ने सदमे में सुधबुध खो दी है। नाबालिग बेटा ताबिश और बेटी वर्दा मामा असलम के यहां रहक र पढ़ते हैं। हादसे के समय बेटी स्कूल गई हुई थी। वहां उसे वालिद के तबियत बिगड़ने के बारे में बताया गया। उसने ईंट पजाया चौराहे पर वालिद का शव चारपाई पर रखा देखा तो बेहोश हो गई। बमुश्किल परिवार के लोग उसे घर ले गए। बड़े बेटे ताबिश वालिद के शव के पास कई घंटे आंसू बहाता रहा। खलीक की बूढ़ी मां कैसर जहां का बेटे की मौत से बुरा हाल है।    
खलीक की मौत पर खूब सियासत हुई
बैंक की लाइन में खलीक की मौत पर सियासत भी खूब हुई। भीड़ को समझाने में पुलिस की भारी भरकम टीम पूरी तरह से नाकाम साबित हुई। सपा और बसपा नेताओं ने पहुंचकर अपने-अपने चेहरे दिखाए। मद्द की बात शुरू होने पर उनकी जेबें भी हल्की हो गईं।   
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मोदी के फैसले को लेकर गुस्सा था
-खलीक की मौत के बाद मोदी के नोटबंदी के फैसले को लेकर भी कुछ लोग ने भड़ास निकाली। भीड़ में शामिल मजदूरों का कहना था कि नोटबंदी का फैसला करके मोदी ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है। बड़े लोगों में कोई लाइन में नहीं है। छोटे लोगों को ही लाइन में लगकर परेशान होना पड़ रहा है।  
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