खाद्य व रसद राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह की सर्किट हाउस में हुई बैठक में डीएसओ सीमा त्रिपाठी भाजपा नेताओं के खास निशाने पर रहीं। भाजपा नेताओं ने उन्हीं के सामने आरोप लगाया कि पूर्ति कार्यालय पर पूरी तरह माफियागर्दी हावी है। राशन की कालाबाजारी के लिए बड़े पैमाने पर फर्जी राशन कार्ड बनाए गए हैं। इस वजह से सरकारी राशन गरीबों की झोली में पहुंचने के बजाय माफिया के गोदामों में पहुंच रहा है। ऐसे तमाम मामले सामने भी आ चुके हैं मगर उनकी जांच में भी गोलमाल कर दिया गया। मंत्री ने भाजपा नेताओं के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए फर्जी राशन कार्ड की जांच का आदेश दिया। डीएसओ को चेतावनी दी कि अगर आरोप सच निकले तो कड़ी कार्रवाई होगी।
जिले में गेहूं खरीद के आंकड़ों को राज्यमंत्री ने बताया अविश्वसनीय
अफसरों ने राज्यमंत्री को जिले में गेहूं खरीद के आंकड़े बताए तो उन्होंने साफ कह दिया कि ये आंकड़े विश्वसनीय नहीं है। उन्होंने कहा कि क्रय एजेंसी ने किस तरह गेहूं की खरीद की गई, इसकी जांच होनी जरूरी है। उन्होंने डिप्टी आरएमओ सुनील भारती से एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों का उपज का लाभ पहुंचाना चाहती है लेकिन सिस्टम में कुछ लोग खेल करते हैं उन्हें बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
राज्यमंत्री ने पूछे सवाल तो डीएसओ बोलीं स्टाफ कम, कैसे करें कार्रवाई
खाद्य राज्यमंत्री ने कड़े तेवर दिखाए तो डीएसओ सीमा त्रिपाठी ने स्टाफ कम होने की वजह से दिक्कतें आने का दुखड़ा रोया। उन्होंने बताया कि जिले के 15 ब्लॉकों के लिए उनके पास 4-5 ही निरीक्षक हैं और एआरओ भी तीन हैं, इसलिए काम प्रभावित हो रहा है। राज्यमंत्री ने कहा कि वे लखनऊ पहुंचकर स्टाफ की कमी मामला तो सही करा देंगे लेकिन इसकी आड़ में गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। कोई अफसर गड़बड़ी करेगा तो उसे चिह्नित कर उन्हें दंडित भी किया जाएगा। राज्यमंत्री ने कहा कि राशन की कालाबाजारी की शिकायतें पहले से मिल रही हैं। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाए। पार्षद अनीता गुप्ता ने शिकायत की कि प्रेमनगर में कोटेदार राशन घटतौली कर गड़बड़ी कर रहा है। राज्यमंत्री ने इसकी भी जांच कराने को कहा।