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रणवेंद्र की चेतावनी, फर्जी कार्डों से माफिया के राशन डकारने की बात सही निकली तो बख्शेंगे नहीं

Fri, 12 Jun 2020 02:37 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सर्किट हाउस में बैठक - फोटो : अमर उजाला
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खाद्य व रसद राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह की सर्किट हाउस में हुई बैठक में डीएसओ सीमा त्रिपाठी भाजपा नेताओं के खास निशाने पर रहीं। भाजपा नेताओं ने उन्हीं के सामने आरोप लगाया कि पूर्ति कार्यालय पर पूरी तरह माफियागर्दी हावी है। राशन की कालाबाजारी के लिए बड़े पैमाने पर फर्जी राशन कार्ड बनाए गए हैं। इस वजह से सरकारी राशन गरीबों की झोली में पहुंचने के बजाय माफिया के गोदामों में पहुंच रहा है। ऐसे तमाम मामले सामने भी आ चुके हैं मगर उनकी जांच में भी गोलमाल कर दिया गया। मंत्री ने भाजपा नेताओं के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए फर्जी राशन कार्ड की जांच का आदेश दिया। डीएसओ को चेतावनी दी कि अगर आरोप सच निकले तो कड़ी कार्रवाई होगी।

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सर्किट हाउस में बैठक के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष पवन शर्मा, शहर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा और विधायक डॉ. अरुण कुमार समेत कई भाजपा नेताओं ने शिकायत की कि सरकार की प्राथमिकता होने के बावजूद जिले में तमाम प्रवासी मजदूरों को राशनकार्ड जारी नहीं हो रहे हैं। तमाम पात्र लोग पहले से राशन कार्ड के लिए ठोकरें खा रहे हैं। भाजपा नेताओं ने डीएसओ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राशन की कालाबाजारी के तमाम मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

नवाबगंज और बहेड़ी में वर्ग विशेष के बड़े पैमाने पर कार्ड बनाए गए हैं। इनमें से ज्यादातर फर्जी राशन कार्ड हैं जिन पर मिलने वाला राशन कहां जा रहा है किसी को पता नहीं है। दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों की सिफारिशों को भी नजरअंदाज कर पात्रों के राशनकार्ड रद्द कर दिए गए हैं। डीएसओ उनकी फोन कॉल तक रिसीव नहीं करती हैं। कितने भी गंभीर आरोप हों, हमेशा उनकी जांच रिपोर्ट कोटेदार के पक्ष में ही होती है। राज्यमंत्री ने उपायुक्त खाद्य राजन गोयल को भाजपा नेताओं के सभी आरोपों की जांच कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इसके साथ अभियान चलाकर प्रवासी मजदूरों और दूसरे पात्र गरीबों के भी राशन कार्ड बनाने को कहा।

जिले में गेहूं खरीद के आंकड़ों को राज्यमंत्री ने बताया अविश्वसनीय

अफसरों ने राज्यमंत्री को जिले में गेहूं खरीद के आंकड़े बताए तो उन्होंने साफ कह दिया कि ये आंकड़े विश्वसनीय नहीं है। उन्होंने कहा कि क्रय एजेंसी ने किस तरह गेहूं की खरीद की गई, इसकी जांच होनी जरूरी है। उन्होंने डिप्टी आरएमओ सुनील भारती से एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों का उपज का लाभ पहुंचाना चाहती है लेकिन सिस्टम में कुछ लोग खेल करते हैं उन्हें बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

राज्यमंत्री ने पूछे सवाल तो डीएसओ बोलीं स्टाफ कम, कैसे करें कार्रवाई

खाद्य राज्यमंत्री ने कड़े तेवर दिखाए तो डीएसओ सीमा त्रिपाठी ने स्टाफ कम होने की वजह से दिक्कतें आने का दुखड़ा रोया। उन्होंने बताया कि जिले के 15 ब्लॉकों के लिए उनके पास 4-5 ही निरीक्षक हैं और एआरओ भी तीन हैं, इसलिए काम प्रभावित हो रहा है। राज्यमंत्री ने कहा कि वे लखनऊ पहुंचकर स्टाफ की कमी मामला तो सही करा देंगे लेकिन इसकी आड़ में गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। कोई अफसर गड़बड़ी करेगा तो उसे चिह्नित कर उन्हें दंडित भी किया जाएगा। राज्यमंत्री ने कहा कि राशन की कालाबाजारी की शिकायतें पहले से मिल रही हैं। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाए। पार्षद अनीता गुप्ता ने शिकायत की कि प्रेमनगर में कोटेदार राशन घटतौली कर गड़बड़ी कर रहा है। राज्यमंत्री ने इसकी भी जांच कराने को कहा।

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