संक्रमित के संपर्क में आए 38 और लोग क्वारंटीन, तीनों गांव दहशत में डूबे
बरेली। रामनगर के शहबाजपुर गांव का कोरोना संक्रमित मुंबई के हॉटस्पॉट एरिया से निकलकर जिस ट्रक में बैठकर बरेली पहुंचा था, बृहस्पतिवार को पुलिस उस तक पहुंच गई। ट्रक का ड्राइवर और हेल्पर शेरगढ़ के गांव बैरमनगर और माधोपुर के दो युवक निकले जिन्हें सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में लाकर स्क्रीनिंग कराई गई और सैंपल लेकर क्वारंटीन करा दिया गया। शहबाजपुर के युवक के चचेरे भाई से लगातार पूछताछ कर संपर्क में आए दूसरे लोगों को भी ट्रेस किया जा रहा है।
शहबाजपुर गांव में कोरोना संक्रमित निकला युवक मुंबई में जूस का ठेला लगाता था जो 24 अप्रैल को नासिक से अंगूर लेकर बरेली की डेलापीर मंडी के लिए चले ट्रक में बैठकर यहां पहुंचा था। तीन दिन के सफर में वह लगातार ट्रक ड्राइवर और हेल्पर के संपर्क में रहा। इसी कारण पुलिस ने शहबाजपुर के युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होते ही ट्रक की तलाश शुरू कर दी थी। डेलापीर मंडी में भी इस वजह से हड़कंप मचा हुआ था। आईडीएसपी सेल ने एक्टिवसर्विलांस के तहत शहबाजपुर के कोरोना संक्रमित के चचेरे भाई से सघन पूछताछ की गई जिसके बाद ट्रक और उसके ड्राइवर-हेल्पर को ट्रेस कर लिया गया।
संक्रमित युवक के चचेरे भाई के मुताबिक वह मुंबई के काजू पाड़ा में कोरोना संक्रमित भाई के साथ अपने दोनों चाचा और मामा के साथ फल और जूस का ठेला लगाते थे। 24 अप्रैल की दोपहर दोनों सब्जी लेने जा रही टाटा मैजिक से रात नौ बजे नासिक पहुंचे। पहले से तय बातचीत के मुताबिक दोनों यहां से शेरगढ़ के गांव बैरमनगर में रहने वाले ट्रक ड्राइवर के साथ 25 अप्रैल की देर रात बरेली के लिए निकले। ट्रक में शेरगढ़ के ही गांव माधोपुर का एक हेल्पर ड्राइवर भी था। दो और लोग उन्होंने किराया लेकर बैठाए थे जिन्हें एटा के गोल चक्कर पर उतारा था। इंदौर, भिंडमुरैना होते हुए इटावा के रास्ते फर्रुखाबाद, जलालाबाद, कटरा, फरीदपुर से गुजरकर बड़ा बाईपास होते हुए ट्रक ने बिल्बा मोड़ पर 26 अप्रैल की दोपहर 12 बजे उन्हें उतारा।
बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस फोर्स के साथ बैरमनगर और माधोपुर पहुंचकर ट्रक ड्राइवर और हेल्पर को ट्रेस किया। इसके बाद दोनों एंबुलेंस के जरिये सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल लाया गया जहां उनकी स्क्रीनिंग के बाद सैंपल लिए गए और दोनों को क्वारंटीन करा दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 38 और लोगों को ट्रेस किया है जो ट्रक ड्राइवरों के संपर्क में रहे थे। फिलहाल यह कार्रवाई जारी है। इन लोगों को क्वारंटीन कराने के साथ उनके सैंपल भी लिए जा रहे हैं।
घर पहुंचने से पहले रिश्तेदारों के यहां भी काट आए चक्कर
शहबाजपुर के कोरोना संक्रमित के चचेरे भाई ने बताया कि बिल्वा मोड़ पर उतरने के बाद वे दोनों मीरगंज के दिवना गांव में रहने वाले रिश्तेदार के साथ गांव देवरी पहुंचे और वहां चार घंटे रुके। इसके बाद फिर बाइक से तीनों सिरौली तक पहुंचे जहां से पैदल शहबाजपुर का रास्ता पकड़ा। गांव पहुंचने के बाद दोनों ने मुंबई से आने की बात को छिपाए रखा लेकिन गांव वाले माजरा समझ गए। हंगामे और विरोध के बाद उन्हें जांच करानी पड़ी। 28 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट आई और एक पॉजिटिव मिला। अब कोरोना संक्रमित के चचेरे भाई से पूछताछ के जरिये और लोगों को ट्रेस करने के साथ क्वारंटीन कराया जा रहा है।