बरेली। मोहल्ला चौधरी तालाब में चल रही रामलीला में शनिवार को श्रीराम के वनगमन के दौरान गंगा नदी को पार करने के दृश्य का सजीव मंचन किया गया। नाव को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया। इसके बाद श्रीराम, लक्ष्मण व सीता की पूजा की गई। तीनों ने नाव में बैठकर तालाब का भ्रमण किया।
श्रीराम ने गंगा तट पर नाव के साथ खड़े निषादराज से कहा कि वह पत्नी और भाई के साथ नदी को पार करना चाहते हैं। इस पर निषादराज संशय में पड़ जाते हैं। श्रीराम ने कहा कि शंका में पड़ने की आवश्यकता नहीं है। इस पर निषादराज ने कहा कि प्रभु आपके पांव से छूते ही पत्थर की शिला नारी बनकर आकाश में उड़ गई थी। यह तो लकड़ी की नाव है, पांव रखते ही यह नाव भी उड़ गई तो उसका परिवार भूख से मर जाएगा। इसलिए मैं परात में पांव धोने के बाद ही नाव में बैठाऊंगा। अंत में निषादराज पांव धुलते हैं और उन्हें नदी पार करवाते हैं। मंचन के दौरान रामगोपाल मिश्रा, घनश्याम मिश्रा, प्रदीप बाजपेई, आदित्य नारायण, कृष्ण चंद्र दीक्षित, अमित अवस्थी, अभिषेक मिश्रा आदि मौजूद रहे। संवाद