जिला अस्पताल में दांत के डॉक्टर का तबादला हुआ तो मरीजों की आफत आ गई। अपने दांत के दर्द का इलाज करने गए तो एक मरीज का दाढ़ उखाड़ दिया गया। अगले दिन जब दांत में दोबारा दर्द हुआ तब पता चला कि खराब दांत तो उखड़ा ही नहीं बल्कि उसकी जगह पर दूसरे दांत को उखाड़ दिया गया है। इसकी शिकायत मरीज ने जिलाधिकारी से की है। बताया जा रहा है कि मरीज किसी वार्ड ब्वाय के पिता हैं। शिकायत वापस लेने की बात भी कही जा रही है।
मुन्ना चौबे गली के रहने वाले भोलानाथ ने जिलाधिकारी को पत्र में बताया है कि उसने आठ अगस्त को पर्चा बनवाया था और इलाज के लिए नौ अगस्त को पहुंचा। उसके मुंह में ऊ पर का एक दांत उखाड़ने के लिए उसने कहा था लेकिन डॉक्टर ने दांत न उखाड़कर बराबर के दो दाढ़ें उखाड़ दी। मरीज ने बताया कि वह आसानी से खाना खा सकता था लेकिन अब उसको दिक्कत हो रही है। उसने कानूनी कार्यवाही की मांग की है। जिलाधिकारी ने मामले पर सीएमएस को जांच कराकर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।
डॉक्टर नहीं हैं, हाइजीनिस्ट देख रहे हैं मरीज
जिला अस्पताल में दांताें के इकलौते डॉक्टर डॉ. जितेंद्र शाक्य मरीजों को देखते थे। लेकिन जुलाई के अंत में उनका तबादला रामपुर हो गया। अब यहां सीनियर हाईजीनिस्ट शकील ही मरीज देख रहे हैं। हालांकि दंत विशेषज्ञ के समय भी सीनियर हाईजीनिस्ट मरीजाें का इलाज करते रहे हैं। गंभीर मरीज हाईजीनिस्ट नहीं देखते हैं। सीनियर हाईजीनिस्ट का कहना है कि एक दांत की जगह मरीज के दोनों दांत खराब थे इसलिए उखाड़े गए हैं। कोई गलती नहीं हुई है। मरीज के परिजनों को भी बता दिया गया है।