बरेली। फेशियल रिकाॅग्निशन सिस्टम (एफआरएस) लागू करने के लिए पोषण ट्रैकर एप पर लाभार्थियों का डाटा अपलोड करने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पिछड़ रही हैं। इसको लेकर वह सोमवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) से मिलीं और अपनी परेशानी साझा की।
शासन का निर्देश है कि चेहरा मिलान के बाद ही लाभार्थियों को पोषाहार दिया जाए। पोषण ट्रैकर एप पर फोटो सहित लाभर्थियों का ब्योरा अपलोड किया जा रहा है। इसके लिए 30 जून अंतिम तिथि निर्धारित की गई है, लेकिन जिले मेें अभी तक 22 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि एप पर डाटा अपलोड करने में काफी दिक्कत आ रही है। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया। नई व्यवस्था के तहत जिन लाभार्थियों के चेहरे का मिलान नहीं होगा, उनको पोषाहार नहीं दिया जाएगा। डीपीओ मनोज कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद उम्मीद है कि अब डाटा फीडिंग का प्रतिशत बढ़ेगा।