परिवार समेत घरों में कैद हुए लोग, खेतों में फसल की रखवाली को जाने से भी डर रहे
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दूर पड़ा था बच्ची का सिर और शरीर के बाकी अंग
मीरगंज। गांव बुझिया में सोमवार शाम करीब दस वर्षीय बच्ची को तेंदुआ उठा ले गया था। मंगलवार सुबह वन विभाग की टीम ने गांव वालों के साथ खेतों में तलाशी अभियान शुरू किया तो गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर गन्ने के खेत में बच्ची का क्षत विक्षत शव बरामद हुआ। सिर और शरीर के अन्य अंग अलग-अलग जगह पड़े मिले। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर घरवालों को सौंप दिया।
शीशगढ़ के गांव बुझिया निवासी बबलू का आबादी से बाहर घर बना है। सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे उनकी बेटी उपासना पास की दुकान से कॉपी लेने गई तो रास्ते से उसे तेंदुआ उठा ले गया। मंगलवार को सुबह करीब पांच बजे कांबिंग के दौरान गांव से पांच सौ मीटर की दूरी पर बलकार सिंह के खेत में बच्ची का क्षत विक्षत शव बरामद हो गया। काफी तलाश के बावजूद बच्ची के दोनों हाथ नहीं मिले। सिर और पैर एक पंजा भी अलग पड़ा मिला। इसके बाद इंस्पेक्टर शीशगढ़ राजकुमार तिवारी भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव पोस्टमार्टम को भिजवाया। इसके बाद वन विभाग की टीम लौट गई और शाम को तेंदुआ पकड़ने के लिए बकरी बांधकर पिंजरा लगा दिया गया लेकिन तेंदुआ का कोई सुराग नहीं लगा। वहीं, इस घटना को लेकर दहशत में आए गांव वालों में आक्रोश है। डर के चलते वे घरों में कैद हो गए हैं और खेतों की ओर भी नहीं जा रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि अगर वन विभाग ने इसे गंभीरता से लिया होता तो यह घटना बच सकती थी।