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बाहर से लौटने वालों की तादाद के साथ बढ़ रहा कोरोना का खतरा

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गुजरात से लौटते श्रमिक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली। दूर किसी शहर में लॉकडाउन की वजह से फंसे अपने जिस प्रियजन को आप वापस घर बुलाने के लिए बेताब हैं, हो सकता है कि आप और आपके पूरे परिवार की ही जिंदगी को खतरे में डालने का पैगाम लेकर घर लौटे। बेशक उन लोगों को उनके हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता लेकिन पूरे परिवार के साथ समाज की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि उसे घर में छिपाने के बजाय पहले उसकी जांच कराई जाए और जरूरत हो तो इलाज भी। बरेली में दो को छोड़कर बाकी सभी कोरोना के केस दूसरे शहरों से पहुंचने की मिसाल देते हुए स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी लोगों से यही अपील कर रहे हैं।
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कोरोना जहां नहीं था वहां दूसरे शहरों से आने वाले लोगों के जरिये ही फैल रहा है। बरेली में हजियापुर और ब्रह्मपुरा जहां कोरोना संक्रमण की चेन का अब तक पता नहीं लग पाया, उनके अलावा बाकी सभी लोग मुंबई, दिल्ली और नोएडा जैसे शहरों से संक्रमण लेकर लौटे। लगातार लंबे खिंचते लॉकडाउन के बीच दूसरे राज्यों और शहरों से घर लौटने का सिलसिला अब और तेज हो गया है लिहाजा बरेली पर कोरोना संक्रमितों की तादाद बढ़ने का खतरा भी मंडराने लगा है। यह आशंका इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि बड़े पैमाने पर उन इलाकों से भी लोग वापस आ रहे हैं जहां कोरोना बेकाबू हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर बेहिचक स्वीकार कर रहे हैं कि इन इलाकों से लौटकर बगैर जांच कराए अपने घरों में छिपे लोग न सिर्फ अपने परिवार बल्कि मोहल्ले और समाज के लिए गंभीर आशंकाएं पैदा कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि घर लौट रहे लोग अगर संक्रमित हुए तो सबसे पहले अपने परिवार के लिए ही खतरा बनेंगे। इसके बाद आसपास के लोगों को भी संक्रमित करेंगे। संक्रमण की चेन अगर इस तरह बढ़ती रही तो उसे काबू करना आसान नहीं रहेगा।

स्वास्थ्य विभाग की अपील.. आसपास रखें नजर, बाहर से लौटे लोगों की दें जानकारी

स्वास्थ्य विभाग की एक्टिव सर्विलांस यूनिट के सदस्यों का कहना है कि कोरोना से बचने के लिए जरूरी है कि लोग अपने आसपास पैनी नजर रखें और बाहर से आने वालों की फौरन जानकारी दें। बरेली में संक्रमण फैलने से रोकने का एक यही रास्ता है कि बाहर से आने वालों की फौरन स्क्रीनिंग कर संक्रमण फैलने के लिए जरूरत के मुताबिक कदम उठाए जाएं। जिन परिवारों में बाहर से लोग आ रहे हैं, वे भी जागरूक बनें और स्वास्थ्य विभाग को फौरन इसकी सूचना दें। एक्टिव सर्विलांस यूनिट के मुताबिक तमाम लोग संवेदनशील राज्यों से लौटे हैं और यह दौर जारी है। कई लोग जांच से बचने के लिए छिप रहे हैं। आसपास के लोग भी मनमुटाव और तकरार होने की आशंका से उनके बारे में सूचना नहीं दे रहे हैं। यह स्थिति खुद उनके लिए नहीं बल्कि पूरे बरेली के लिए खतरनाक है। सर्विलांस यूनिट ने कहा है कि अगर कोई ऐसे लोगों के बारे में जानकारी देता है तो उसका नाम-पता और पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

बरेली में मुंबई, नोएडा और राजस्थान से आई ‘जानलेवा सौगात’

एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि कोरोना का फैलाव संक्रमित के संपर्क में आने से होता है। 29 मार्च से पहले जिले में संक्रमण का एक भी मामला नहीं था। नोएडा की सीजफायर कंपनी में संक्रमित होने के बाद सुभाषनगर के युवक ने अपने ही परिवार के पांच लोगों को संक्रमित कर दिया। इसके बाद रामनगर के शहबाजपुर सिपल्ली में मुंबई से लौटे युवक में संक्रमण की पुष्टि हुई। अब रामनगर सिरौली, मीरगंज में भी मुंबई से लौटे युवक संक्रमित मिले हैं जिनके संपर्क में आने से सिरौली के युवक के बुजुर्ग पिता भी संक्रमित हो गए। बिहारीपुर करोलान का संक्रमित युवक भी मुंबई से लौटा है। इसके अलावा बिहारमान नगला इज्जतनगर, भुता सिंघाई में राजस्थान से लौटे परिवार के पूल सैंपल पॉजिटिव मिले हैं। हजियापुर और ब्रह्मपुरा में संक्रमण की चेन नहीं मिल सकी मगर आशंका यही है कि उनसे भी कोई बाहर से आया संक्रमित मिला होगा।

किसी भी संवेदनशील जिले या राज्य से बरेली लौटने वाले लोग अपने परिवार और समाज की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार नागरिक की तरह अपनी स्क्रीनिंग जरूर कराएं। अगर किसी मोहल्ले, कॉलोनी, गांव या नगर पंचायत या नगर पालिका क्षेत्र में कोई व्यक्ति बाहर से आया है तो तत्काल उसकी जानकारी दें ताकि उनकी स्क्रीनिंग और जरूरत पड़ने पर सैंपल की जांच कराई जा सके। जांच में सहयोग न करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है। - डॉ. रंजन गौतम, एसीएमओ, जिला सर्विलासं अधिकारी

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