20 वर्ष पूर्व से बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक, ग्रामीणों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है
क्योलड़िया। अंग्रेजी शासन काल में शारदा नहर खंड क्योलड़िया में डैम की पुलिया जर्जर हो गई है। 20 वर्ष पूर्व से बड़े वाहनों के आवागमन पर यहां से गुजरने पर रोक लग गई है। इस कारण ग्रामीणों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
अंग्रेजी शासन काल में शारदा नहर खंड क्योलड़िया में डैम का निर्माण हुआ था, लेकिन इसके जर्जर होने पर विभाग के अधिकारियों ने डैम से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी। डैम पर 20 वर्ष पूर्व से भारी वाहनों का आवागमन नहीं हो रहा है, लेकिन अब तक डैम पर पुल का निर्माण नहीं हुआ है। पुल नहीं बनने से सबसे ज्यादा परेशानी व्यापारी, किसान और विद्यार्थियों को हो रही है। संवाद
लोगों की जान को भी खतरा
जर्जर डैम से गुजरने पर लोगों की जान को भी खतरा है। डैम से रोजाना से 50 से अधिक गांव के 10 हजार से अधिक लोगों का तहसील और जिला मुख्यालय आवागमन रहता है, जिसके कारण लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं। ब्लॉक भदपुरा का कार्यालय क्योलड़िया में बना हुआ है। यहां थाना बैंक व अन्य सरकारी भवनों के ऑफिस भी हैं, लेकिन यहां से तहसील नवाबगंज जिला मुख्यालय बरेली जाने के लिए डैम से ही रास्ता है। लोगों का कहना है कि भारी वाहनों के गुजरने पर प्रतिबंध लगने उन्हें लंबी दूरी तय करना पड़ रही है। इससे अधिक समय और अधिक रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
भटपुरा के ब्लॉक प्रमुख के पति रविशंकर गंगवार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को पत्र लिखकर जर्जर डैम पर नया पुल बनवाने की मांग की है, जिस पर आश्वासन मिला है। संवाद