तौकीर से जुड़े पांच मुकदमों की फाइलें गायब
आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के दबदबे का जायजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन पर दर्ज पांच मुकदमों से संबंधित पत्रावलियां ही अदालत से गायब हैं। इसका खुलासा तब हुआ, जब शनिवार को मौलाना की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनका आपराधिक इतिहास खंगालना शुरू किया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मौलाना के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 1982 में कोतवाली थाने में दंगा सहित अन्य आरोपों में दर्ज हुआ था। फिर वर्ष 1987 से 2000 तक आपराधिक विश्वासघात, महिला से दुष्कर्म करने के इरादे से उस पर हमला करने, दंगा और मारपीट सहित अन्य आरोपों में चार मुकदमे दर्ज किए गए।
वर्ष 1982 से लेकर 2000 तक मौलाना पर दर्ज पांच मुकदमों से संबंधित फाइलें ही अदालत से गायब हैं। वर्ष 2019 में कोतवाली थाने में मौलाना पर लोकसेवक का आदेश न मानने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मुकदमे की विवेचना छह साल बाद भी अधूरी है।
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वर्ष 2023 में धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में दर्ज मुकदमे के मामले में शासन की अनुमति मिलनी शेष है। शेष चार मुकदमे अदालत में विचाराधीन हैं। इनमें से वर्ष 2010 के बरेली दंगों से संबंधित मुकदमे में हाईकोर्ट से कार्यवाही पर स्थगन आदेश है। सुनवाई की अगली तिथि 14 अक्तूबर है।
मौलाना पर दर्ज मुकदमों पर कार्रवाई के संबंध में पूछे जाने पर एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि सभी मामलों की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट तलब कर प्रभावी तरीके से कार्रवाई कराई जाएगी। पुलिस सभी मामलों में अदालत में प्रभावी तरीके से पैरवी कर आरोप साबित करेगी।