बरेली। आईआईटी में प्रवेश के लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस का परिणाम सोमवार को जारी हो गया। इसमें शहर के कई होनहारों ने सफलता का परचम लहराया है। जिन्हें इस बार कामयाबी नहीं मिली, उन्होंने और कड़ी मेहनत करते हुए अगली बार सफलता हासिल करने का संकल्प लिया।
इसमें शहर के चिकित्सकों के बच्चों ने भी शानदार प्रदर्शन कर बेहतर रैंक हासिल की। डॉ. राजीव गोयल और डॉ. ऋतु के बेटे अर्थ गोयल ने 4,379वीं, डॉ. अक्षत बास और डॉ. शिखा की बेटी आशी बास ने 14,875वीं रैंक हासिल की है। विदित अरोड़ा को 14,878वीं रैंक मिली है। डॉ. राजीव के मुताबिक, तीनों बच्चे दिल्ली से तैयारी कर रहे थे। पहले प्रयास में बेहतर रैंक पाकर आईआईटी में सीट पक्की कर ली है। शहर के अन्य विद्यार्थियों ने भी कड़ी मेहनत और लगने से बेहतर रैंक हासिल कर परिवार का मान बढ़ाया।
पहले प्रयास में बरेली चकबंदी कार्यालय में कानूनगो नीलांचल कुमार के बेटे शाश्वत कुमार ने एआईआर 10,225वीं, ओबीसी कैटेगरी में 2,326वीं रैंक हासिल की है। निजी स्कूल के छात्र सक्षम शर्मा ने 4,756वीं रैंक पाई है। सेजल सिंह 4,916वीं रैंक हासिल कर सफल रहीं।
मेडिट के विद्यार्थियों ने लहराया परचम
मेडिट के निदेशक विशाल वार्ष्णेय ने बताया कि कोचिंग से तैयारी कर रहे 10 विद्यार्थियों ने आईआईटी में प्रवेश के लिए जगह बना ली है। विशेष श्रेणियों में हनी सिंह बिष्ट ने 401वीं, वैभव कुमार सिंह ने 3,487वीं, आयुष गंगवार ने 4192वीं रैंक हासिल की है। सामान्य श्रेणी में आदित्य शर्मा ने 6,152वीं, अभिषेक गुप्ता ने 8,512वीं, मोहम्मद अनस ने 8,963वीं, धैर्य अग्रवाल ने 14,569वीं, नव्या अग्रवाल ने 20,075वीं, समन्वय थपलियाल ने 21,575वीं, समीर खान ने 25,137वीं रैंक हासिल की है। कहा कि मेडिट कोचिंग ने साबित किया कि छोटे शहरों के प्रतिभावान छात्र भी सही दिशा और मार्गदर्शन मिलने पर बड़ी उड़ान भर सकते हैं। कोचिंग में उनको व्यक्तिगत मार्गदर्शन, टेस्ट सीरीज, डाउट क्लीयरिंग काउंटर, मेंटरशिप दी जाती है।
कड़ी मेहनत और सोशल मीडिया से दूरी जरूरी
इंटरनेशनल सिटी निवासी शाश्वत कुमार ने सेल्फ स्टडी से पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। कहा कि जेईई प्री और एडवांस दोनों में श्रेष्ठ प्रदर्शन से रैंक बेहतर होती है। इसलिए सबसे पहले सोशल मीडिया से दूरी बना लें। बेहद जरूरी होने पर ही प्रयोग करें। खुद से नोट्स बनाएं। पुराने पेपर्स का पैटर्न देखें। उन्हें हल करें। अभिभावकों, शिक्षकों से मार्गदर्शन लें।
घर पर दोहराएं नोट्स, बनाएं टाइम टेबल
रामपुर गार्डन निवासी अर्थ गोयल ने बताया कि प्रतिदिन क्लास में नोट्स बनाएं और उन्हें घर लौटकर दोहराएं। फिजिक्स, मैथ, केमिस्ट्री सभी विषय रोजाना पढ़ें। वहीं, क्लास टेस्ट में अगर कम अंक आएं तो घबराएं नहीं। जिसमें कम अंक आए हों, उसी को पढ़ते रहें। गैरजरूरी चीजों से ध्यान हटाकर एकाग्र होकर पढ़ाई करें तो सफलता जरूर मिलेगी। ब्यूरो