बरेली। ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर अंजुमन इत्तेहादुल मुस्लिमीन की ओर से पुराना शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। रोशनी से जगमग पुराने शहर की गलियों में नबी के दीवानों का काफिला निकला तो फिजा में पत्ती-पत्ती फूल-फूल, या रसूल-या रसूल के नारे गूंज उठे।
छह मीनार मस्जिद के निकट मुन्ना खां की नीम से यह जुलूस निकाल गया। इसमें शामिल बच्चे हाथों में इस्लामी संदेश लिखी तख्तियां लिए चल रहे थे। युवाओं की बाइकें लाइटों से जगमगा रही थीं। कुछ अंजुमनों के सदस्य अरबी व इस्लामी लिबास में नजर आए। इससे पहले हाफिज शाहरोज ने कुरान की तिलावत की और असलम अततारी ने नाते पाक का नजराना पेश किया।
जुलूस की कयादत करते हुए दरगाह तहसीनिया के सज्जादानशीन मौलाना हस्सान रजा खान ने कमर चिश्ती को परचम सौंप कर जुलूस को रवाना किया। यह जुलूस देर रात मुन्ना खां की नीम पहुंचकर संपन्न हुआ। यहां निर्णायक मंडल के निर्णय के आधार पर अंजुमनों को पुरस्कार वितरण किए गए। जुलूस में 110 अंजुमनें शामिल थीं, जिनकी निगरानी शादाब शमीम के नेतृत्व में 200 वॉलेंटियर्स कर रहे थे।
जुलूस में नवाब मुजाहिद हसन खां, प्रो. जाहिद खां, इकरार अहमद, नईमुद्दीन, जुल्फिकार बेग, मोहम्मद मियां, काजी अलीमुद्दीन, डॉ. अनीस बेग आदि की दस्तारबंदी की गई। व्यवस्था इमशाद हुसैन, अंजुम शमीम, मोहम्मद उस्मान, यामीन अहमद, अनवर हसन, सैयद जफर आदि ने संभाली।
आज शहर में निकाला जाएगा जुलूस
ईद मिलादुन्नबी का पर्व बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर अंजुमन खुद्दामे रसूल की ओर से शहरी इलाकों में जुलूस-ए-मोहम्मदी भी निकाला जाएगा जो कुतुबखान घंटाघर से दोपहर 2:30 बजे रवाना होगा। अंजुमन के सचिव शान रजा ने बताया कि यह जुलूस आला हजरत दरगाह के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी की सदारत में निकाला जाएगा। निगरानी सदर सैयद आसिफ मियां की रहेगी।