बरेली। बारिश से शहरवासियों को राहत तो मिली, लेकिन जलभराव की वजह से हालात बदतर हो गए। संजयनगर, हजियापुर, स्टेडियम रोड, राजेंद्रनगर, मॉडल टाउन, सिविल लाइंस, सुभाषनगर पुलिया, आला हजरत मोड़, सौदागरान, बमनपुरी, मलूकपुर सहित कई घनी आबादी वाले इलाकों की सड़कें डूब गईं। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सड़कों पर घंटों जलभराव की वजह से लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया। पैदल राहगीर घुटनों तक भरे गंदे पानी और कीचड़ के बीच से गुजरने के लिए मजबूर हुए।
शहरवासियों का आरोप है कि नगर निगम की ओर से हर साल नाला सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन बारिश में व्यवस्था जवाब दे जाती है। राजेंद्रनगर, मॉडल टाउन इलाकों में जलभराव का मुख्य कारण सीवर लाइन का चोक होना और नालों की अधूरी सफाई रही। जल निकासी ठप होने से पानी गलियों से होते हुए लोगों के घरों व दुकानों में घुस गया। इससे उनको दोहरी परेशानी झेलनी पड़ी।
टक्कर की पुलिया बनी परेशानी की वजह
मलूकपुर, जसौली, दरगाह आला हजरत मोड़, सौदागरान और बमनपुरी की जल निकासी का एकमात्र जरिया टक्कर की पुलिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुलिया बेहद संकरी होने से बारिश के पानी का बहाव बाधित हो जाता है। पानी आगे न बढ़ने से इन सभी मोहल्लों की सड़कों पर जलभराव होता है। जनसेवा टीम के अध्यक्ष पम्मी खां वारसी ने पुलिया को ठीक कराने की मांग की है।
पैचवर्क बहे, उखड़ी सड़कों ने बढ़ाई मुसीबत
नगर निगम और पीडब्लूडी की ओर से बारिश शुरू होने से पहले शहर की जिन सड़कों पर पैचवर्क कराया गया था, वह बह गया। चौपुला पुल के नीचे बड़ा गड्ढा होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। डीडीपुरम में नई सड़क उखड़ गई। घटिया निर्माण सामग्री के चलते सड़कों पर बिछाया गया डामर और सीमेंट पानी के साथ बह गया। इससे सड़कें फिर गड्ढों में तब्दील हो गईं। रामपुर रोड पर तीन बड़े गड्ढों को पीडब्लूडी अब तक नहीं भरवा पाया है। लाल फाटक के पास हुए गड्ढों को भी नहीं भरा गया है।
वर्जन
जिन इलाकों में जलभराव की सूचना मिली थी, वहां टीम को भेजकर पानी निकलवाया गया है। - राजीव राठी, एक्सईएन, नगर निगम