पर्यावरण अभियंता को एनजीटी के नियमों की अवहेलना पर जुर्माना डालने का निर्देश
बरेली। प्रदूषण स्तर की जांच करने पहुंची केंद्रीय टीम शहर में निर्माण स्थलों पर धूल के गुबार उड़ते देख हैरान रह गई। नाराजगी जताते हुए टीम ने कार्यदायी संस्थाओं को धूल नियंत्रण मशीन लगाने और हर हाल में एनजीटी के नियमों का पालन करते हुए काम करने के निर्देश दिए। केंद्रीय टीम ने अधिकारियों के साथ बैठक भी की जिसमें उन्हें बताया कि बरेली देश के उन 110 शहरों में शामिल है जहां मानक से अधिक प्रदूषण है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ परिक्षेत्र के निदेशक डॉ. देवेंद्र कुमार सोनी ने मंगलवार को टीम के साथ शहर के अलग-अलग इलाकों में निरीक्षण किया। शहर में लगभग सभी निर्माण स्थलों पर एनजीटी के नियमों का उल्लघंन होता देखकर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई। कहा, इस बेपरवाही से काम बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को एनजीटी के नियमों के पालन की हिदायत के साथ पर्यावरण अभियंता को भी निर्देश दिया कि मानकों का पालन न किए जाने की स्थिति में कार्यदायी संस्थाओं पर जुर्माना लगाया जाए।
डीएफओ कार्यालय में विभिन्न विभागों के साथ हुई बैठक में डॉ. देवेंद्र कुमार सोनी ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बरेली समेत उन सभी शहरों के लिए योजना तैयार की है जहां मानक से ज्यादा प्रदूषण है। इस पर सख्ती से क्रियान्वयन किया जाए। इस बैठक में नगर निगम, सिंचाई विभाग, परिवहन विभाग, वन विभाग, जल निगम, निर्माण विभाग आदि विभागों के अफसर शामिल थे। बैठक के बाद उन्होंने निर्माणाधीन सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने टीम को बताया कि बाकरगंज में कूड़ा निस्तारण के लिए टेंडर हो गया है।
बरेली यूपी के भी सर्वाधिक प्रदूषित 16 शहरों में
केंद्रीय टीम ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 16 शहर सबसे ज्यादा प्रदूषित हैं जिनमें बरेली भी शामिल है। इसके अलावा प्रमुख शहरों में प्रदेश की राजधानी लखनऊ, आगरा, कानपुर और गाजियाबाद शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वायु गुणवत्ता के सुधार के लिए केंद्र सरकार ने एक समिति बनाई है। इसीलिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें जिलों में सर्वे कर रही हैं।