बरेली। सीएम की हिदायत के 12 दिन बाद भी जल निगम के अभियंता खोदी गई सड़कों को दुरुस्त नहीं करा सके। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक सड़कों की हालत खराब है। उनकी मरम्मत के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है। एक अप्रैल को मंडलीय समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने जल निगम की कारगुजारी उजागर की थी। सीएम ने चिंता जाहिर करते हुए अभियंताओं को मरम्मत के निर्देश भी दिए थे। इसके बावजूद खतरा बरकरार है।
एक साल पहले जल निगम ने सेटेलाइट से बैरियर टू चौकी तक सीवर लाइन के लिए खोदाई कराई थी। सड़क ठीक कराने के नाम पर खानापूरी की गई। सड़क को पहले जैसी हालत में नहीं किया गया। सीवर लाइन के डिप सड़क की सतह से ऊंचे हैं। नतीजा वाहन असंतुलित होकर गिर रहे हैं। सांसद छत्रपाल गंगवार ने यह मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया था। अन्य जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्र में सड़कें खोद कर डाल देने के मामले उठाए। 12 दिन बाद इस स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
दो साल पहले खोद दी सड़क, पाइप लाइन बिछाई ही नहीं
रामनगर और अटा फुंदापुर में दो साल पहले हर घर जल योजना के तहत गलियों को खोद दिया गया, पर पाइप लाइन अब तक नहीं बिछाई जा सकी। ओवरहेड टैंक का कार्य भी अधूरा है। बरसेर के मजरा बालरपुर में पाइप लाइन बिछा दी गई है, लेकिन लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। खंड विकास अधिकारी ओमप्रकाश का कहना है कि जल्द काम पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
मझगवां ब्लाॅक के मिर्जापुर में एक साल से टूटी पड़ीं सड़कें
ब्लॉक मझगवां की ग्राम पंचायत मिर्जापुर में वर्ष 2023 में जल निगम की ओर से पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। मिर्जापुर, शाहबाजपुर, हर्र की गौटिया के लिए पानी की पाइप लाइन बिछाई गई। उस दौरान जो सड़क खोदी गई थी, वह आज भी वैसी ही पड़ी है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्राम प्रधान विमला पाल ने बताया कि कई बार जल निगम के अधिकारियों से बात की, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ब्यूरो
सड़कों की मरम्मत की प्रगति ठीक नहीं है। मैंने यह विषय मुख्यमंत्री के सामने रखा था। अब अधिकारियों से पूछा जाएगा कि कौन-कौन सी सड़कें ठीक हुईं और कौन सी रह गई हैं। - छत्रपाल गंगवार, सांसद बरेली
जल निगम की अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार से बातचीत हो गई है। कई जगह सड़कों को ठीक कराया गया है। जो रह गई हैं, उन्हें भी ठीक कराया जाएगा। - दिनेश चंद्र यादव, जिला विकास अधिकारी