फतेहगंज पूर्वी। पेट में गोली लगने के बाद भी व्यवसायी रवींद्र सिंह उर्फ पन्नू ने गजब का साहस दिखाया। वह एक हाथ से पेट दबा कर हमलावर के पीछे करीब 500 मीटर तक दौड़ते रहे। लोगों को माजरा समझ में आ गया और उन्होंने एक हमलावर को धर दबोचा। उसके पास से तमंचा और कारतूस भी बरामद हुए। दूसरा भागने में कामयाब हो गया। गंभीर रूप से घायल रवींद्र का बरेली के निजी अस्पताल में देर तक आपरेशन चला। उधर, पुलिस ने साले की तहरीर पर मुकदमा लिख लिया है।
कस्बे के स्टेशन रोड पर रवींद्र सिंह की सिंह इलेक्ट्रानिक के नाम से दुकान है। बुधवार सुबह दस बजे रवींद्र अपनी दुकान पर बैठे थे। उनके साथ ही रहने वाले उनके साले मुनेंद्र सिंह भी वहीं थे। इसी दौरान लेखपाल कॉलोनी निवासी विक्की और दातागंज (बदायूं) के गांव जयपाल खुद्रदी निवासी थानेश्वर पाठक उर्फ थनेष हाथों में तमंचे लेकर पैदल ही दुकान पर पहुंचे। हमलावरों ने मुनेंद्र पर फायरिंग कर दी लेकिन वह बच गए। रवींद्र और मुनेंद्र फाटक की तरफ भागे।तो हमलावरों ने दोबारा फायरिंग की। इस बार एक गोली रवींद्र के पेट में लग गई। रवींद्र ने गोली लगने के बाद हमलावरों का पीछा शुरू कर दिया। शोर मचाने पर आसपास के लोग भी मदद को आ गए। रवींद्र ने पेट में गोली लगने के बाद भी करीब 500 मीटर तक पीछा किया। उधर, भीड़ ने घेराबंदी कर ली और एक हमलावर थनेष को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से तमंचा और कारतूस भी मिला। भीड़ ने थनेष को पुलिस को सौंप दिया। एसओ संतोष यादव ने बताया कि रवींद्र के साले मुनेंद्र की तहरीर पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर लिया है। विक्की की तलाश में दबिश दी जा रही है।
छह महीने पहले हुई थी लड़ाई
विक्की लेखपाल कालोनी में और मुनेंद्र इसके बगल के मोहल्ले में अपने बहनोई के घर में रहता है। करीब छह महीन में दोनों में किसी बात पर पहले कहासुनी फिर मारपीट हो गई थी। इसी को लेकर रंजिश चल रही थी। तब रविंद्र ने बीच बचाव कराया था।