बरेली। राइफल क्लब में बना तीरंदाजी मैदान तबेला बन गया है। इसमें भैंस और पड्डा बांधे जा रहे हैं। यहां पंजीकृत 20 खिलाड़ी प्रशिक्षण के लिए भटक रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी खिलाड़ियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में पदकों की उम्मीद धूमिल हो रही है।
कचहरी के निकट पुरानी जेल रोड पर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकसित किए गए राइफल क्लब में ही तीरंदाजी के लिए मैदान तैयार किया गया है। यहां खिलाड़ियों की जगह भैंस और पड्डा बंधे रहते हैं। क्षेत्रवासियों ने बताया कि इस भैंस का दूध एक अधिकारी के घर जाता है। उन्होंने ही भैंस को वहां बंधवाया है। डीएम आवास में लगी हरी सब्जियों में डाला जाने वाला पानी भी तीरंदाजी मैदान में आता है। इससे खिलाड़ियों को काफी परेशानी होती है। संवाद
राइफल क्लब में आखिर कब शुरू होगा प्रशिक्षण
राइफल क्लब में ट्रेनिंग कब शुरू होगी? इसकी भी जानकारी किसी को नहीं है। स्मार्ट सिटी के तहत यह प्रोजेक्ट 16 दिसंबर 2021 को शुरू हुआ था और नौ माह बाद वर्ष 2022 में बनकर तैयार हो गया था। तब से यह लावारिस पड़ा है। जानकारी के मुताबिक अभी तक इसे खेल निदेशालय को नहीं सौंपा गया है, न ही खिलाड़ियों के पंजीकरण हुए हैं। इसमें 25 व 50 मीटर ऑउटडोर शूटिंग रेंज, 10 मीटर इनडोर शूटिंग रेंज, खिलाड़ियों के लिए ड्राई एरिया और प्रैक्टिस एरिया तैयार किया गया है। इसके अलावा कंट्रोल रूम, वीडियो रूम, इक्विपमेंट सेंटर एंड आर्मरी, मेडिकल रूम, डोपिंग टेस्ट एरिया, प्रशासनिक क्षेत्र, मीटिंग रूम, ज्यूरी रूम, मल्टीपरपज एरिया और वीआईपी लाउंज की सुविधा दी जानी है।
जाने नहीं देंगे, नगर आयुक्त से बात करो
राइफल क्लब में मौजूद एक अधिकारी ने अंदर जाने से ही मना कर दिया। उन्होंने कहा कि अंदर जाने की अनुमति हम नहीं देंगे। नगर आयुक्त से बात कर लो, हम कुछ नहीं बताएंगे।
वर्जन...
आचार संहिता हटते ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कराए गए कार्यों के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संचालन के लिए टेंडर आदि निकाले जाएंगे। जल्द ही खिलाड़ियों को राइफल क्लब की सौगात मिल जाएगी। - निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त