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हलक से उतरी शराब तो बीवियों से लेने लगे लॉकडाउन का हिसाब

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एडीजी अविनाश पांडे - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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एडीजी ने माना- शराब की दुकानें खुलने के बाद बढ़े घरेलू हिंसा के मामले
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जोन के सभी कप्तानों को दिया निर्देश, सख्ती से निपटें ऐसे मामलों से

बरेली। शराब की दुकानें खुलते ही घरेलू हिंसा बढ़ने लगी है। एडीजी ने ऐसी सूचनाएं मिलने के बाद बेबाकी से माना कि शराब की दुकानें खुलने से पहले तक ऐसे मामले पुलिस के पास नहीं आ रहे थे, लेकिन अब एकाएक शिकायतें बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस की चुनौती और बढ़ गई है लिहाजा सभी कप्तानों को कानूनी तौर पर ऐसे हालात से निपटने को कहा गया है।
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एडीजी जोन अविनाश चंद्र ने बृहस्पतिवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि लॉकडाउन में शराब बिकने की शुरूआत होते ही पूरे जोन में घरेलू हिंसा के मामले बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर महिलाएं हद पार होने तक पारिवारिक मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराने से बचती हैं, इसी वजह से अब तक रिकॉर्ड में ये घटनाएं बढ़ती नहीं दिखाई दे रही थीं, लेकिन पुलिस को दो ही दिन में इस तरह की शिकायतें मिलने लगी हैं। उन्होंने कप्तानों को ऐसे मामलों पर लगाम लगाने के भी निर्देश दिए हैं।

नई चुनौती: खुराफाती और तस्कर भी सक्रिय

एडीजी ने यह भी कहा कि लॉकडाउन का पालन कराने के साथ ही पुलिस के सामने कई और चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। लॉकडाउन की आड़ में पशु तस्करी, गोकशी और शराब की तस्करी के मामले बढ़ने लगे हैं। सोशल साइट्स पर भ्रामक पोस्ट डालकर असामाजिक तत्व सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। तमाम लोग आवश्यक सेवा का पास बनवाकर उनका दुरुपयोग कर रहे हैं, जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि पुलिस को ऐसे मामलों में सख्ती से निपटना चाहिए।
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