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जांच पूरी होने तक ईडी का फैसला

Sat, 09 Jan 2016 01:38 AM IST
बरेली
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बरेली। मुड़िया अहमदनगर में ‘सहारा सिटी’ के नाम से नया शहर बसाने के लिए 12 साल पहले खरीदी गई करीब 100 एकड़ जमीन की बिक्री पर इन्फोर्समेंट निदेशालय (ईडी) ने रोक लगा दी है। हालांकि इस जमीन को बेचने के  लिए दो साल से प्रयास किए जा रहे थे लेकिन बड़ा बिल्डर न मिलने के कारण बात नहीं बन पाई। वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ईडी ने मनी लाउंड्रिंग के मामले की जांच के लिए बैनामा का रिकार्ड अगले सप्ताह डीएम के माध्यम से मुंबई स्थित ईडी कार्यालय को भेज दिया जाएगा। इसे तैयार करने में रजिस्ट्री आफिस का स्टाफ जुटा रहा।  
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दो साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने सहारा इंडिया को देनदारी अदा करने के निर्देश दिए थे। उसी के बाद सहारा के अधिकारियों ने मुड़िया अहमद नगर स्थित इस जमीन को बेचने के लिए आसपास के जिलों के कालोनाइजर तथा बिल्डरों से संपर्क किया था। रेट ज्यादा होने के कारण बात नहीं बन पाई। क्योंकि उसी के आसपास बड़ा बाईपास, एयरफोर्स आदि प्रमुख स्थान हैं। जिसके कारण अच्छे बिल्डरों ने जोखिम उठाना उचित नहीं समझा। ईडी के लिए  सब रजिस्ट्रार (प्रथम) के कार्यालय में आज पूरे दिन मुड़िया अहमदनगर में वर्ष 2002-3 के दौरान सहारा और उनकी सहयोगी कंपनियों के नाम हुए बैनामा की फोटो प्रति तैयार कराई जाती रहीं। जिन्हें सोमवार को एडीएम (फाइनेंस) के माध्यम से डीएम को भेज दिया जाएगा। वहीं से यह प्रपत्र मुंबई स्थित ईडी के डिप्टी डायरेक्टर विशाल स्नप को भेज दिए जाएंगे। मुड़िया अहमदनगर स्थित जमीन की पैमाइश और देखने के लिए सहारा के अधिकारियों की टीम दिसंबर में बरेली आई थी। इस टीम ने तहसील के लेखपाल और सब रजिस्ट्रार कार्यालय के स्टाफ से इस जमीन के बारे में जानकारी की।
10 हजार से लेकर 25 हजार रुपये जमा करके सहारा सिटी में प्लाट और मकान के लिए पंजीकरण कराने वाले शहर के कई लोगों ने रजिस्ट्री आफिस में शुक्रवार को संपर्क साधा। लोग यह जानकारी कर रहे हैं कि अब इस जमीन का क्या होगा। उन्होंने 10 साल पहले जो धनराशि जमा की थी, वह मिल पाएगी या नहीं। इस तरह के करीब दर्जन भर लोग जानकारी कर चुके हैं।
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‘ईडी के स्तर से जांच पूरी होने तक इन संपत्तियों की फिर से सेल नहीं होगी।’ ओपी सिंह, एआईजी स्टांप
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