बरेली। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर सेटेलाइट बस अड्डे के कायाकल्प के लिए अब नए सिरे से कवायद शुरू हुई है। यहां 14 मंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित है। सेना ने 15 मीटर से ज्यादा ऊंचे निर्माण पर आपत्ति जताई है। अब आपत्तियों को दूर कर नए सिरे से ब्लू प्रिंट तैयार करने के लिए सात सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
शासन ने दो साल पहले पीपीपी मॉडल पर सेटेलाइट बस अड्डे के स्थान पर 20,164 वर्गमीटर में 137 करोड़ की लागत से शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अंतरराज्जीय बस टर्मिनल को मंजूरी दी थी। कॉम्प्लेक्स के भूतल पर बस अड्डा और ऊपरी मंजिलों पर मॉल, रेस्टोरेंट, दफ्तर, बैंक आदि सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इससे रोडवेज की आय भी बढ़ेगी। बस अड्डा के विस्तार में कुछ भूमि वर्कशॉप की भी ली जानी है।
पिछले साल रोडवेज ने काम शुरू कराने के लिए एनओसी मांगी तो सेना ने सैन्य क्षेत्र में 15 मीटर से अधिक ऊंचे निर्माण पर आपत्ति लगा दी। अब रोडवेज के प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये विकास योजनाओं पर चर्चा की तो इस मुद्दे पर भी बात हुई। उन्होंने सेना की आपत्तियों के निस्तारण और नए सिरे से कार्ययोजना बनाने के लिए कमेटी बनाने का आदेश दिया है।