बिथरी चैनपुर (बरेली)। महिला से छेड़खानी के आरोप में पकड़े गए युवक से थाने में पूछताछ के दौरान पिटाई का आरोप है। हाथ में शीशा लगने से खून का फव्वारा छूट गया। पुलिसकर्मियों के हाथ पैर फूल गए तो उसे निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। परिवार के आरोपों पर पुलिस ने सफाई दी है कि नशे में खुद ही युवक ने घूंसा मारकर गेट का शीशा तोड़ दिया और घायल हो गया।
शनिवार रात आठ बजे थाने के एक गांव निवासी अनिल को 112 पुलिस पकड़कर लाई थी। बताते हैं कि एक महिला ने पीआरवी को कॉल करके सूचना दी थी कि युवक अनिल नशे की हालत में बाइक से जा रहा था। वह रास्ते में खड़ी थी। अनिल ने उसके साथ छेड़खानी की। आरोप लगाया था कि वह पहले भी महिला से ऐसी हरकतें कर चुका है। थाने में पुलिसकर्मी उसे छोड़कर चले गए। बताते हैं कि रात में थाना पुलिस ने महिला की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर अनिल से पूछताछ की। इस दौरान अनिल की हालत बिगड़ गई। उसके हाथ से खून की धार बहने लगी। स्थानीय सीएचसी में उपचार से लाभ न मिला तो पुलिस उसे भोजीपुरा के मेडिकल कॉलेज ले गई। रविवार सुबह ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई गई।
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पिता ने लगाया आरोप- पुलिस की पिटाई से हुआ घायल
- अनिल के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बेटे को बुरी तरह पीटा जिससे वह घायल हो गया। उन्हें बेटे की चोट के बारे में तुरंत जानकारी भी नहीं दी गई। पुलिस से काफी पूछने पर बहुत देर बाद उन्हें बताया गया कि उनके बेटे को चोट लगी है और वह भोजीपुरा में भर्ती है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
खुद शीशे के गेट में घूंसा मारा : एसपी उत्तरी
- एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने पुलिस पर लगे आरोपों के बारे में एसओ राजेश बाबू मिश्रा से जानकारी ली। बताया गया कि आरोपी अनिल को जब थाने लाया गया तो वह काफी नशे में था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही थी कि वह इधर उधर हाथ पैर फेंकने लगा। सीसीटीएनएस कक्ष में लगे शीशे के गेट में उसने घूंसा मारा जिससे शीशा टूट गया और अनिल के हाथ से खून बहने लगा। एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि आरोपी को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया है। खतरे की कोई बात नहीं है। चूंकि वह छेड़खानी का नामजद आरोपी है, उसे सही होने पर हिरासत में लिया जाएगा।