बरेली। भुता थाना क्षेत्र में पुष्पेंद्र की हत्या के मामले में परिजनों ने कुछ ऑडियो रिकाॅर्डिंग पुलिस को देने के साथ ही वायरल की हैं जो हत्यारोपियों के खतरनाक इरादों को बता रही हैं। आरोपियों ने भाई की हत्या का फैसला आने से पहले ही पुष्पेंद्र को निपटाने की धमकी उसके करीबियों के जरिये दी थी। इससे पुष्पेंद्र सजग भी था, लेकिन गांव से निकलते ही सटीक मुखबिरी में उसकी जान चली गई।
प्लॉट व प्रधानी चुनाव की रंजिश में 20 जनवरी 2021 में पुष्पेंद्र के बड़े भाई विनोद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पूर्व प्रधान हिस्ट्रीशीटर पूरनलाल गंगवार व उसके परिजनों ने गोलियां मारी थीं। इसमें पूरनलाल, उसके भाई अर्जुन व चचेरे भाई पवन को नामजद किया गया था। बताते हैं कि साक्ष्य के अभाव में पूरनलाल व अर्जुन के नाम पुलिस ने निकाल दिए थे। हालांकि पूरनलाल जमीन के किसी दूसरे विवाद में अब भी जेल में है। पुष्पेंद्र अपने भाई की हत्या के मुकदमे में वादी था। वादी समेत सभी गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है और मुकदमा अंतिम चरण में कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस को सौंपी गई ऑडियो रिकाॅर्डिंग में पुष्पेंद्र ने कार में बैठे हुए कॉल रिसीव करने वाले मोबाइल का दूसरे मोबाइल से वीडियो बनाया था। पुष्पेंद्र और विरोधी पक्ष दोनों का कोई करीबी दुश्मन की रणनीति के बारे में उन्हें बता रहा था। कह रहा था कि जेल में बंद पूरन के भतीजे व पवन का भाई पुष्पेंद्र की हत्या की योजना बना रहे हैं। वह कह रहे हैं कि फैसला आने से पहले पुष्पेंद्र को निपटा देंगे। वह पुष्पेंद्र को सावधान रहने के लिए कह रहा था। पुष्पेंद्र ने उस वक्त इसे हल्के में लिया।
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शहर में रहता था परिवार, अकेले नहीं जाते थे गांव
- भाई की हत्या के बाद पुष्पेंद्र अपने परिवार के साथ बरेली की आकाशपुरम कॉलोनी में रह रहे थे। वह कभी कभार गांव में रह रही मां को देखने व जमीन की देखभाल करने गांव आते थे। तब वह अकेले नहीं आते थे। फिलहाल बीमार मां को देखने व धान की फसल कटने के बाद गेहूं की बुआई कराने के लिए वह गांव आए थे। शाम ढलने से पहले ही गांव से निकल लिए थे पर शायद उनके गांव में पहुंचने के साथ ही आरोपियों ने हत्या की रणनीति तैयार कर ली थी और गांव से निकलते ही उनके पीछे लग गए।
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शिक्षक पत्नी ने तीन साल पहले मांगी थी सुरक्षा
पुष्पेंद्र की पत्नी संगीता बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं। तीन साल पहले अपने जेठ की हत्या के वक्त वह शिक्षामित्र थीं और अपने संगठन की जिला महामंत्री थीं। तब 25 जनवरी 2021 को शिक्षक व शिक्षामित्र संघ के नेताओं संग उन्होंने तत्कालीन एसएसपी से मुलाकात कर विरोधियों से जान का खतरा जताकर परिवार के लिए सुरक्षा मांगी थी। घटना के बाद परिवार कह रहा था कि सुरक्षा मिली होती तो शायद यह घटना नहीं होती। तीन साल में दो भाइयों की हत्या से घर परिवार के लोग टूट गए हैं। पुष्पेंद्र व विनोद दो ही भाई थे। पिता बाबूराम की पहले ही मृत्यु हो चुकी है और मां गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। पुष्पेंद्र का एक बेटा एक बेटी है। विनोद के भी एक बेटा-एक बेटी व पत्नी हैं जो भुता में रहते हैं। विनोद की पत्नी किरण भी शिक्षामित्र हैं। अमर उजाला ब्यूरो