बरेली। महाकुंभ में बुधवार सुबह हादसे की सूचना के बाद बरेली के लोग भी सहम गए। दिनभर अपनों का हाल जानने के लिए लोग कॉल करते रहे। बरेली से सोमवार और मंगलवार को ट्रेनों और बसों के जरिये तीन हजार से ज्यादा श्रद्धालु प्रयागराज गए थे।
हादसे के बाद प्रयागराज में मौजूद बरेली के लोगों ने बताया कि हादसा दिल दहलाने वाला था। जमीन पर गिरे लोगों को भीड़ रौंदते हुए निकलती रही। ग्रीन पार्क निवासी पप्पू गुप्ता हादसे के समय अपनी पत्नी निर्मला गुप्ता के साथ बेली घाट पर ही थे। उन्होंने बताया कि अनुमान से ज्यादा भीड़ के कारण बैरिकेडिंग टूट गई थी। इसके बाद भीड़ अनियंत्रित हो गई। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ किसी तरह जान बचाई। सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक वह बैरिकेडिंग के एक ओर खड़े रहे। संवाद
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हादसे में कई लोगों की मौत के बारे में सुबह 10 बजे मालूम हुआ। उससे पहले मैं स्नान कर चुकी थी। जिस घाट पर हादसा हुआ, वह मुझसे कुछ ही दूरी पर था। हादसे के बाद काफी संख्या में श्रद्धालु बिना स्नान के ही लौट गए। - ऊषा गुप्ता
हादसा बेली घाट पर हुआ था। महाकुंभ में व्यवस्थाएं काफी बेहतर हैं, लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण मामला गड़बड़ हो गया। हादसे के बाद ज्यादातर श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों पर चले गए। - विष्णु गुप्ता
हादसा दर्दनाक था। मेरे अलावा बरेली से कई परिचित भी मौनी अमावस्या पर स्नान प्रयागराज आए थे। हादसे के बाद लोग अपनों को तलाशने के लिए परेशान हो रहे थे। अगर बैरिकेडिंग न टू्टती तो यह हादसा भी नहीं होता। - जयनारायण