उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड की शिक्षक भर्ती (टीजीटी) की परीक्षा 1974 अभ्यर्थियों ने छोड़ दी। शहर में बनाए गए 21 केंद्रों पर दोनों पालियोें में 9484 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी लेकिन 7510 ही शामिल हुए। बोर्ड के पर्यवेक्षकों ने सारे केंद्रों पर नजर रखी।
सुबह की पाली में हिंदी विषय की परीक्षा आठ केंद्रों पर थी, जिसमें 3591 अभ्यर्थियों को शामिल होना था लेकिन 636 गैरहाजिर रहे। दूसरी पाली में 13 केंद्रों पर हुई अंग्रेजी विषय की परीक्षा में 5893 में से 4555 ही शामिल हुए। इसमें 1338 ने परीक्षा छोड़ दी। पहली बार ऐसा हुआ कि टीजीटी की परीक्षा में बोर्ड ने मूल ओएमआर शीट के साथ दो कार्बन कापी लगाई थीं। इनमें से एक कार्बन कापी पेपर के साथ अभ्यर्थियों को ले जाने की छूट दी गई थी। बोर्ड ने अपने पास मूल ओएमआर शीट के साथ एक कापी भी जमा कराई। बोर्ड के पर्यवेक्षक एक दिन पहले ही आ गए थे, जिन्होंने सारे केंद्रों पर नजर रखी। इसके अलावा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी केंद्रों का निरीक्षण करके परीक्षा का जायजा लिया। ट्रेजरी से पेपर डबल लॉक में लाकर केंद्रों पर पहुंचाए गए थे। पुलिस बल भी सारे केंद्रों पर मुस्तैद रहा। जिला विद्यालय निरीक्षक आशुतोष भारद्वाज ने बताया कि सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
52 फीसदी ने छोड़ी राजस्व निरीक्षक की परीक्षा
बरेली (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से रविवार को बरेली के 52 केंद्रों पर राजस्व निरीक्षक पद के लिए कराई गई लिखित परीक्षा में 52 फीसदी अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दो पाली में हुई परीक्षा में कुल 48 फीसदी अभ्यर्थियों ने पेपर दिए। यहां कुल 24 हजार 700 अभ्यर्थियों परीक्षा केेंद्रों पर बैठने को बुलाया गया था। आयोग से आए समन्वयन पर्यवेक्षक अरविंद पांडेय ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई और कहीं कोई अनियमितता वाली बात सामने नहीं आई। परीक्षा केंद्रों पर कुल 14 मजिस्ट्रेट तैनात थे।