बहेड़ी। शासन तक मामला पहुंचने के बाद दंपती पर तेजाब फेंकने और युवक पर चाकू से हमले मामले में पुलिस बैकफुट पर आ गई है। जिस मामले को पुलिस अब तक फर्जी बता रही थी, शनिवार को थाने में हंगामा और एक युवक के भाई द्वारा खुदकुशी की कोशिश के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है। रविवार को सीओ के नेतृत्व में बहेड़ी, शेरगढ़, शीशगढ़, देवरनिया थाने की पुलिस पीड़ित के घर पहुंची। करीब दो घंटे की बातचीत में पीड़ित ने तीन आरोपियों की पहचान कर ली। तीन आरोपी वही है जो शनिवार को हंगामे के बाद थाने से छुड़ाए गए। इसके अलावा कॉल डिटेल में भी आरोपियों के बातचीत की पुष्टि हुई है। पुलिस ने पीड़ित के घर सुरक्षा की दृष्टि से सिपाही तैनात किए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
कर्नाटक के रहने वाले व्यापारी अखिलेश बीसी की शादी बहेड़ी कस्बे में नेहा के साथ हुई है। नवंबर माह में अखिलेश पत्नी के साथ बहेड़ी आए थे। 12 नवंबर की रात दस बजे के करीब घर से थोड़ी दूर पर वह पत्नी को स्कूटी चलाना सिखा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान बदमाशों ने दोनों पर तेजाब फेंक दिया था। इसमें दोनों झुलस गए थे। हालांकि तेजाब कम तीव्रता वाला बताया गया था। पुलिस ने उस वक्त मामले को संदिग्ध माना था। इसके बाद भी कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। लेकिन हमले का कोई भी साक्ष्य नहीं मिला। इधर, झुलसे दंपती अस्पताल से ठीक हुए तो घर आए गए। इसके बाद अखिलेश पत्नी को छोड़कर कर्नाटक चले गए। अखिलेश के अनुसार बुधवार रात वह कनार्टक से बहेड़ी पहुंचे। बहेड़ी रोडवेज से रात करीब 12 बजे वह पैदल की ससुराल जा रहे थे। स्टैंड से महज पचास कदम दूर पहुंचने पहले से खडे़ दो बाइक सवार युवक ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। उन्होंने हैंडबैग से बचाव कर जान बचाई और शोर मचाते हुए भागे निकले। इसके बाद बदमाश वहां से भाग निकले। इसी मामले को लेकर नगर चौकी प्रभारी सतेंद्र सिंह इस्लामनगर मोहल्ले के दो युवकों को हिरासत में लिया था। शनिवार देर शाम दोनो युवकों के परिवार के लोग थाने पहुंचे। उस वक्त सीओ रामानंद राय व इंस्पेक्टर राम अवतार सिंह थाने में बैठे थे। हंगामा करते हुए भीड़ ने छोड़ने की बात कही। पुलिस का तर्क था कि पूछताछ के बाद छोड़ दिया जाएगा। इस पर भीड़ हंगामा करने लगी। इसी दौरान हिरासत में लिए गए एक युवक का भाई सामने आया आया और अचानक अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल लिया और खुदकुशी की बात कहने लगा। इस पर पुलिस के होश फाख्ता हो गए। महिलाएं भी पुलिस को खरी खोटी सुनाने लगी। माहौल बिगड़ते देख पुलिस कर्मियों ने भीड़ को समझाबुझाकर शांत कराया और आरोपियों को छोड़ दिया था।
इस मामले में मुख्यमंत्री और डीजीपी को ट्वीट के बाद रविवार को मामले को लेकर सीओ रामानंद राय, एसओ बहेड़ी, शेरगढ़,शीशगढ़, देवरनिया के साथ पीड़ित के घर पहुंचे। करीब दो घंटे की बातचीत में तीन आरोपियों की पहचान की गई। इसमें तीनों थाने से छुड़ाए गए आरोपी हैं। पुलिस के अनुसार पीड़ित के पहचान करने के बाद तीनों युवकों की कॉल डिटेल निकलवाई गई तो उसमें बातचीत के सुबूत मिले हैं। पीड़ितों के सुरक्षा की बात पर घर पर चार महिला पुरुष सिपाही तैनात किए गए हैं।
रो पड़ी पीड़िता, बोली-दहशत में जी रहा परिवार
सीओ के सामने रोते हुए पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद से ही पूरा परिवार दहशत में जी रहा है। रात को नींद तक नहीं आ रही है। रोजाना लोग आकर धमका रहा रहे हैं।
थाने में हंगामा और खुदकुशी की कोशिश करने वाले पर होगी कार्रवाई
एसएसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने इंस्पेक्टर बहेड़ी को आदेश दिया है कि शनिवार रात थाने में हंगामा करने वालों और खुदकुशी की कोशिश करने वाले युवक पर कार्रवाई की जाए। वहीं एसपी ग्रामीण ने वीडियो फुटेज और सीसीटीवी कैमरे से शिनाख्त कर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
पीड़ित के घर से सौ मीटर दूर आरोपियों के घर
पुलिस ने अपनी तफ्तीश में जोड़ा है कि जिन तीन लोगों के नाम सामने आए हैं उनके घर पीड़ित के घर से सौ मीटर की दूरी पर भी नही हैं। चारों तरफ एक समुदाय विशेष की आबादी है। इसी के चलते उन पर चौतरफा दबाव बनाया जा रहा है कि अपना मुंह पुलिस के सामने न खोले।
पीड़ित का पूरा परिवार डरा हुआ है उन पर चौतरफा दबाव बनाया गया है। सीओ ने उनसे लंबी पूछताछ की है। पुलिस टीम पीड़ित के घर तैनात की गई है। जल्द घटना को अंजाम देने वाले सलाखों के पीछे होंगे। वहीं थाने में हंगामा करने वालों की शिनाख्त की जा रही है। - राम अवतार सिंह, इंस्पेक्टर बहेड़ी।