बरेली में प्रस्तावित यूपी के पहले टेक्सटाइल पार्क के लिए अभी तक न तो बिजली की व्यवस्था हुई है और न ही सड़क बनी है। दोनों प्रस्ताव पांच महीने पहले जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को सौंपे जा चुके हैै। इस पूरे प्रकरण से मुख्यमंत्री को भी अवगत करा दिया है। इतना सब कुछ होने के बाद भी मामला दबा हुआ है। ऐसे में पार्क को लेकर निवेशक संशय में हैं।
पीपीपी मोड पर टेक्सटाइल पार्क के लिए एक साल पहले ही जमीन तो चिन्हित हो गई थी इसके भूउपयोग बदलने का मामला लटका है। फतेहगंज पश्चिमी स्थित रहपुरा चौधरी में प्रस्तावित पार्क की जमीन जिला पंचायत क्षेत्र में आती है। इसके लिए सड़क नेटवर्क पंचायत विभाग को तैयार कराना था। जिला पंचायत ने सिर्फ साढ़े तीन मीटर चौड़ी सड़क बनाने का 90 लाख रुपये का इस्टीमेट बनाया था। जो कि व्यवहारिक नहीं था, क्योंकि बड़े वाहनों के आवागमन की दृष्टि से औद्योगिक इलाके में कम से कम सात मीटर चौड़ी सड़क होनी चाहिए। उसके बाद लोक निर्माण विभाग ने पार्क नेशनल हाइवे 24 से जोड़ने के लिए 1179. 63 लाख रुपये लागत से सीमेंट कंक्रीट सड़क बनाने का इस्टीमेट बनाया। जिसे मंजूरी के लिए चार माह पहले प्रमुख सचिव (नियोजन) को भेजा जा चुका है।
बिजली लाइन का अतापता नहीं
पांच माह पहले जिला प्रशासन ने रफियाबाद में 132 केवी स्टेशन बनाने के लिए पौने नौ एकड़ भूमि आवंटित कर दी थी। सब स्टेशन बनाने के लिए सिर्फ चार एकड़ जमीन की जरूरत थी। यानि दो गुना से ज्यादा भूमि उपलब्ध कराने के बावजूद विद्युत पारेषण अफसर फाइल दबा कर बैठ गए।
‘टेक्सटाइल पार्क में बिजली उपलब्धता हेतु 132 केवी स्टेशन प्रस्तावित है। इसका प्रस्ताव पारेषण समिति लखनऊ प्रेषित किया जा चुका है। सब स्टेशन पारेषण डिवीजन को ही बनाना है।’ - तारिक वारसी, एई, ग्रामीण