मोबाइल फोन पर रहता था सक्रिय
इनामुल हक की गिरफ्तारी के वक्त पुलिस टीम ने उसके मकान के निचले हिस्से में क्लीनिक चलाने वाले डॉ. रियाज व मोहल्ले वालों से लंबी पूछताछ की थी। सभी ने बताया था कि इनामुल किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखता था और अधिकतर समय मोबाइल फोन चलाता रहता था। मोहल्ले वालों के मुताबिक इनामुल का नाम आतंकी संगठन से जुड़ने के बाद उन लोगों ने उसके घर से दूरी बना ली।
डॉ. रियाज ने भी अपना क्लीनिक थोड़ी दूर स्थित अपने घर में शिफ्ट कर लिया। बताया कि इनामुल का भाई फरीद कभी बरेली नहीं आया। इनामुल की मां जरूर साल भर में एकाध बार यहां आती रही हैं। बताते हैं कि परिवार ने भी इनामुल से दूरी बना ली है और उसकी खास कानूनी पैरवी नहीं की। उन दिनों उसके भाई फरीद ने यह भी कहा था कि इनामुल परिवार में पैदा नहीं होता तो अच्छा रहता।