ढाईघाट में तम्बू से बसा शहर । संवाद
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शाहजहांपुर। बुधवार को मिर्जापुर के ढाईघाट में चल रहे माघ मेले का मुख्य पर्व माघ पूर्णिमा है। मंगलवार से ही गंगा स्नान के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए थे। गंगा किनारे लगभग पांच किलोमीटर की लंबाई और तीन किलोमीटर की चौड़ाई में लगे विशाल मेले में शाम तक तिल रखने की जगह नहीं बची।
शृंगी ऋषि की तपोभूमि कहे जाने वाले ढाईघाट गंगातट पर चल रहे इस मेले में हजारों श्रद्धालु मकर संक्रांति से ही कल्पवास कर रहे हैं। मेले का मुख्य पर्व माघी पूर्णिमा आज है। माघी पूर्णिमा पर्व पर ब्रह्म मुहूर्त में गंगास्नान करने के लिए कल्पवासियों के अलावा आसपास के कई जिलों से लाखों श्रद्धालु विभिन्न वाहनों से गंगातट पर पहुंच रहे हैं। जिला पंचायत के प्रबंधन में लगने वाले इस धार्मिक मेले में जिले के अलावा लखीमपुर, पीलीभीत, बदायूं, बरेली, हरदोई, सीतापुर, एटा, इटावा, मैनपुरी आदि जिलों से लाखों श्रद्धालु माघी पूर्णिमा पर्व पर स्नान करने पहुंच रहे हैं। जिला पंचायत के मेलाबाबू अनिल कुमार द्विवेदी ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेले में प्रकाश, पेयजल, रैन बसेरा, चिकित्सा, सफाई व मोबाइल शौचालयों आदि की व्यवस्थाएं बढ़ाई जा है। मेला चिकित्सालय में जरीनपुर सीएचसी के डॉ. आरियेन्द्र यादव टीम के साथ तैनात हैं। मेले में खोया-पाया शिविर भी लगाया गया है। अग्निशमन दल, गोताखोर भी तैनात किए गए हैं। यातायात प्रबंधन के लिए ट्रैफिक पुलिस भी तैनात की गई है।
मेले में मुख्य मार्ग पर कीचड़ से हो सकती है समस्या
ढाईघाट माघ मेले में तौल कांटे के समीप मुख्य रास्ते पर कीचड़ और जलभराव से आवागमन प्रभावित हो रहा है। जिससे मुख्य पर्व पर लाखों की भीड़ में कीचड़युक्त रास्ते मे जाम या धक्का मुक्की से किसी हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि मेलाबाबू ने इस कीचड़युक्त रास्ते पर मिट्टी डलवाकर सूखा रास्ता बनाने के निर्देश ठेकेदार को दिए हैं।